घरेलू हिंसा अधिनियम में झूठा केस हो जाए तो पति क्या करें? DV Act Complete Legal Guide 2026
DV Act का नोटिस मिलते ही घबराà¤à¤‚ नहीं: à¤à¤• गलती पति का पूरा केस बिगाड़ सकती है। पतà¥à¤¨à¥€ ने à¤à¥‚ठा घरेलू हिंसा केस कर दिया है? जानिठDV Act नोटिस, अंतरिम à¤à¤°à¤£-पोषण, à¤à¤•तरफा आदेश, अपील, हाई कोरà¥à¤Ÿ कà¥à¤µà¥ˆà¤¶à¤¿à¤‚ग और साकà¥à¤·à¥à¤¯ की पूरी कानूनी रणनीति।
NEW DELHI: पतà¥à¤¨à¥€ ने घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत केस दायर कर दिया है। उसमें मारपीट, दहेज, गाली-गलौज, आरà¥à¤¥à¤¿à¤• शोषण, घर से निकालने और à¤à¤°à¤£-पोषण न देने जैसे आरोप लिखे हैं। पति का कहना है कि आरोप à¤à¥‚ठे हैं।
अब पति कà¥à¤¯à¤¾ करे?
सबसे पहले à¤à¤• बात सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ समठलीजिà¤:
DV Act की धारा 12 का नोटिस अपने आप में न तो à¤à¤«à¤†à¤ˆà¤†à¤° है और न ही गिरफà¥à¤¤à¤¾à¤°à¥€ वारंट। लेकिन इस नोटिस को नजरअंदाज करना à¤à¤•तरफा आदेश, à¤à¤¾à¤°à¥€ बकाया à¤à¤°à¤£-पोषण और बाद में गंà¤à¥€à¤° कानूनी कारà¥à¤°à¤µà¤¾à¤ˆ का रासà¥à¤¤à¤¾ खोल सकता है।
घरेलू हिंसा कानून का उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤• पीड़ित महिलाओं को सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ देना है। लेकिन किसी à¤à¥€ कलà¥à¤¯à¤¾à¤£à¤•ारी कानून का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² यदि वैवाहिक बदला लेने, बढ़ा-चढ़ाकर आरà¥à¤¥à¤¿à¤• दावा करने या पति और उसके पूरे परिवार को दबाव में लाने के लिठकिया जाà¤, तो पति को चà¥à¤ªà¤šà¤¾à¤ª समरà¥à¤ªà¤£ नहीं करना चाहिà¤à¥¤
à¤à¥‚ठा मà¥à¤•दमा गà¥à¤¸à¥à¤¸à¥‡ से नहीं, रिकॉरà¥à¤¡ से टूटता है।
30 सेकंड में सीधा उतà¥à¤¤à¤°: à¤à¥‚ठा DV केस होने पर पति कà¥à¤¯à¤¾ करे?
पति को ततà¥à¤•ाल ये कदम उठाने चाहिà¤:
- नोटिस और पूरी शिकायत की पà¥à¤°à¤¤à¤¿ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करें।
- पहली तारीख पर उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें; केस को à¤à¤•तरफा न होने दें।
- हर आरोप का तारीखवार और दसà¥à¤¤à¤¾à¤µà¥‡à¤œà¤¼-आधारित उतà¥à¤¤à¤° तैयार करें।
- बैंक विवरण, आयकर रिटरà¥à¤¨ और आय-संपतà¥à¤¤à¤¿ का पूरà¥à¤£ शपथपतà¥à¤° दाखिल करें।
- वà¥à¤¹à¤¾à¤Ÿà¥à¤¸à¤à¤ª चैट, ईमेल, सीसीटीवी, यातà¥à¤°à¤¾ रिकॉरà¥à¤¡ और चिकितà¥à¤¸à¤¾ दसà¥à¤¤à¤¾à¤µà¥‡à¤œ सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ रखें।
- पहले से चल रहे à¤à¤°à¤£-पोषण या पारिवारिक मामलों की जानकारी नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ को दें।
- अंतरिम या à¤à¤•तरफा आदेश को समय पर चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¥€ दें।
- परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ बदलने पर धारा 25(2) में आदेश संशोधित कराने का आवेदन दें।
- असाधारण मामलों में हाई कोरà¥à¤Ÿ से कारà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤¹à¥€ रदà¥à¤¦ कराने पर विचार करें।
- à¤à¥‚ठे शपथपतà¥à¤° के विरà¥à¤¦à¥à¤§ कारà¥à¤°à¤µà¤¾à¤ˆ तà¤à¥€ मांगें जब à¤à¥‚ठजानबूà¤à¤•र बोला गया, महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ और पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£à¤¿à¤¤ हो।
DV Act के तहत पतà¥à¤¨à¥€ कà¥à¤¯à¤¾-कà¥à¤¯à¤¾ मांग सकती है?
महिलाओं का घरेलू हिंसा से संरकà¥à¤·à¤£ अधिनियम, 2005 केवल शारीरिक मारपीट तक सीमित नहीं है। इसमें शारीरिक, लैंगिक, मौखिक, à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• और आरà¥à¤¥à¤¿à¤• दà¥à¤°à¥à¤µà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° शामिल हो सकता है।
पतà¥à¤¨à¥€ या अनà¥à¤¯ पातà¥à¤° महिला मजिसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤Ÿ के समकà¥à¤· धारा 12 का आवेदन देकर मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से निमà¥à¤¨ राहत मांग सकती है:
धारा 18: संरकà¥à¤·à¤£ आदेश
नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ पति को कथित घरेलू हिंसा करने, पतà¥à¤¨à¥€ से संपरà¥à¤• करने, उसके कारà¥à¤¯à¤¸à¥à¤¥à¤² पर जाने या कà¥à¤› संपतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का हसà¥à¤¤à¤¾à¤‚तरण करने से रोक सकता है।
धारा 19: निवास आदेश
नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ साà¤à¤¾ गृह से बेदखली रोक सकता है, वैकलà¥à¤ªà¤¿à¤• आवास अथवा किराया दिला सकता है और मामले के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° निवास संबंधी अनà¥à¤¯ निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶ दे सकता है।
धारा 20: आरà¥à¤¥à¤¿à¤• राहत और à¤à¤°à¤£-पोषण
पतà¥à¤¨à¥€ अपने तथा बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठà¤à¤°à¤£-पोषण, चिकितà¥à¤¸à¤¾ खरà¥à¤š, आय की हानि या संपतà¥à¤¤à¤¿ के नà¥à¤•सान की राशि मांग सकती है। कानून के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° आरà¥à¤¥à¤¿à¤• राहत परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤, उचित और पकà¥à¤·à¤•ारों के जीवन-सà¥à¤¤à¤° के अनà¥à¤°à¥‚प होनी चाहिà¤à¥¤
धारा 21: बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की असà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ अà¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾
मजिसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤Ÿ बचà¥à¤šà¥‡ की असà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ अà¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ और मà¥à¤²à¤¾à¤•ात की वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ कर सकता है।
धारा 22: मà¥à¤†à¤µà¤œà¤¾
मानसिक पीड़ा और à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• कषà¥à¤Ÿ सहित घरेलू हिंसा से हà¥à¤ˆ कà¥à¤·à¤¤à¤¿ के लिठमà¥à¤†à¤µà¤œà¤¾ मांगा जा सकता है।
धारा 23: अंतरिम और à¤à¤•तरफा आदेश
पà¥à¤°à¤¥à¤® दृषà¥à¤Ÿà¤¯à¤¾ सामगà¥à¤°à¥€ मिलने पर मजिसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤Ÿ अंतिम साकà¥à¤·à¥à¤¯ दरà¥à¤œ होने से पहले à¤à¥€ अंतरिम आदेश दे सकता है। शपथपतà¥à¤° के आधार पर à¤à¤•तरफा आदेश à¤à¥€ पारित हो सकता है।
कà¥à¤¯à¤¾ DV Act की धारा 12 का केस आपराधिक मà¥à¤•दमा है?
यह सबसे अधिक गलत समà¤à¤¾ जाने वाला पà¥à¤°à¤¶à¥à¤¨ है।
सà¥à¤ªà¥à¤°à¥€à¤® कोरà¥à¤Ÿ ने Shaurabh Kumar Tripathi v. Vidhi Rawal, 2025 INSC 734 में सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ किया कि धारा 12 का आवेदन सामानà¥à¤¯ आपराधिक शिकायत से अलग है। à¤à¤¸à¥€ कारà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤¹à¥€ मà¥à¤–à¥à¤¯à¤¤à¤ƒ नागरिक पà¥à¤°à¤•ृति की राहत देने के लिठहोती है। धारा 12 का आवेदन सà¥à¤µà¤¯à¤‚ किसी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को आपराधिक सजा नहीं दिलाता।
अपराध की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ मà¥à¤–à¥à¤¯à¤¤à¤ƒ तब पैदा होती है जब पति किसी संरकà¥à¤·à¤£ आदेश अथवा अंतरिम संरकà¥à¤·à¤£ आदेश का उलà¥à¤²à¤‚घन करता है।
धारा 31 के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° à¤à¤¸à¥‡ उलà¥à¤²à¤‚घन पर:
- à¤à¤• वरà¥à¤· तक का कारावास;
- ₹20,000 तक जà¥à¤°à¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¾;
- अथवा दोनों हो सकते हैं।
धारा 32 के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° संरकà¥à¤·à¤£ आदेश के उलà¥à¤²à¤‚घन का अपराध संजà¥à¤žà¥‡à¤¯ और गैर-जमानती है।
इसलिठयह कहना गलत होगा कि धारा 12 का नोटिस मिलते ही पति की गिरफà¥à¤¤à¤¾à¤°à¥€ निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ है। लेकिन यह à¤à¥€ उतना ही खतरनाक होगा कि पति आदेश की अवहेलना कर दे कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि “मूल केस तो नागरिक पà¥à¤°à¤•ृति का है।â€
à¤à¥‚ठे DV केस में पति को पहले 72 घंटों में कà¥à¤¯à¤¾ करना चाहिà¤?
1. नोटिस ही नहीं, पूरा नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤²à¤¯à¥€à¤¯ रिकॉरà¥à¤¡ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करें
केवल नोटिस देखकर उतà¥à¤¤à¤° तैयार न करें। निमà¥à¤¨ दसà¥à¤¤à¤¾à¤µà¥‡à¤œ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करें:
- धारा 12 का मà¥à¤–à¥à¤¯ आवेदन;
- धारा 23 का अंतरिम आवेदन;
- पतà¥à¤¨à¥€ का शपथपतà¥à¤°;
- घरेलू घटना रिपोरà¥à¤Ÿ;
- संलगà¥à¤¨ शिकायतें और दसà¥à¤¤à¤¾à¤µà¥‡à¤œ;
- नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ पहले से पारित कोई आदेश;
- आय à¤à¤µà¤‚ संपतà¥à¤¤à¤¿ संबंधी शपथपतà¥à¤°;
- मांगी गई पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• राहत का विवरण।
कई बार पति केवल मà¥à¤–à¥à¤¯ शिकायत का उतà¥à¤¤à¤° देता है जबकि वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤• आरà¥à¤¥à¤¿à¤• खतरा धारा 23 के अंतरिम आवेदन में छिपा होता है।
2. पहली तारीख को हलà¥à¤•े में न लें
कानून के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° मजिसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤Ÿ पहली सà¥à¤¨à¤µà¤¾à¤ˆ सामानà¥à¤¯à¤¤à¤ƒ आवेदन मिलने के तीन दिनों के à¤à¥€à¤¤à¤° तय करने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करता है। अधिनियम में 60 दिनों के à¤à¥€à¤¤à¤° निसà¥à¤¤à¤¾à¤°à¤£ का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करने की बात है, लेकिन यह सà¥à¤µà¤šà¤¾à¤²à¤¿à¤¤ समापà¥à¤¤à¤¿ की अनिवारà¥à¤¯ समय-सीमा नहीं है। 60 दिन पूरे होने पर केस अपने आप खारिज नहीं होता।
पति या उसका अधिवकà¥à¤¤à¤¾ उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤ न हो तो धारा 23 के तहत à¤à¤•तरफा आदेश पारित हो सकता है।
3. पतà¥à¤¨à¥€ से सीधे लड़ाई या धमकी बंद करें
नोटिस मिलने के बाद कà¥à¤°à¥‹à¤§ में à¤à¥‡à¤œà¤¾ गया à¤à¤• संदेश पतà¥à¤¨à¥€ के पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥‡ कमजोर केस को नया मजबूत साकà¥à¤·à¥à¤¯ दे सकता है।
विशेष रूप से यह न करें:
- गाली या धमकी देना;
- लगातार कॉल करना;
- उसके घर या कारà¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ पहà¥à¤‚चना;
- सोशल मीडिया पर निजी आरोप लगाना;
- बचà¥à¤šà¥‡ को जबरन ले जाने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करना;
- संरकà¥à¤·à¤£ आदेश के विपरीत संपरà¥à¤• करना।
यदि नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ ने संपरà¥à¤• पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¬à¤‚धित किया है तो केवल अधिवकà¥à¤¤à¤¾ या नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ सà¥à¤µà¥€à¤•ृत माधà¥à¤¯à¤® का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— करें।
à¤à¥‚ठे घरेलू हिंसा केस का सबसे पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ बचाव: आरोपों की समयरेखा
पति का उतà¥à¤¤à¤° केवल यह नहीं होना चाहिठकि “सà¤à¥€ आरोप à¤à¥‚ठे हैं।â€
à¤à¤¸à¤¾ सामानà¥à¤¯ इनकार पà¥à¤°à¤¾à¤¯à¤ƒ परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ नहीं होता। पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• आरोप का अलग उतà¥à¤¤à¤° तैयार होना चाहिà¤à¥¤
à¤à¤• पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ आरोप-साकà¥à¤·à¥à¤¯ तालिका में निमà¥à¤¨ कॉलम रखें:
| कà¥à¤°à¤® | पतà¥à¤¨à¥€ का आरोप | कथित तारीख व सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ | पति का उतà¥à¤¤à¤° | सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤° साकà¥à¤·à¥à¤¯ | पतà¥à¤¨à¥€ के पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥‡ बयान से विरोधाà¤à¤¾à¤¸ |
| 1 | कथित मारपीट | तारीख/सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ | घटना से इनकार या वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤• तथà¥à¤¯ | सीसीटीवी, यातà¥à¤°à¤¾ रिकॉरà¥à¤¡, चिकितà¥à¤¸à¤¾ रिकॉरà¥à¤¡ | पà¥à¤²à¤¿à¤¸ शिकायत में उलà¥à¤²à¥‡à¤– नहीं |
| 2 | घर से निकालना | तारीख | पतà¥à¤¨à¥€ सà¥à¤µà¤¯à¤‚ गई अथवा पति वहां नहीं था | कैब रिकॉरà¥à¤¡, संदेश, गवाह | पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥‡ संदेश में अलग कारण |
| 3 | खरà¥à¤š न देना | अवधि | किठगठà¤à¥à¤—तान | बैंक हसà¥à¤¤à¤¾à¤‚तरण, विदà¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ शà¥à¤²à¥à¤• | आय शपथपतà¥à¤° में à¤à¥à¤—तान छिपाया |
| 4 | दहेज मांग | कथित अवसर | सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ उतà¥à¤¤à¤° | विवाह खरà¥à¤š रिकॉरà¥à¤¡, बातचीत | पहले समà¤à¥Œà¤¤à¥‡ में आरोप अनà¥à¤ªà¤¸à¥à¤¥à¤¿à¤¤ |
यही तालिका बाद में जिरह, अंतरिम आवेदन, अपील और संà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ हाई कोरà¥à¤Ÿ याचिका की रीढ़ बनती है।
पति किन दसà¥à¤¤à¤¾à¤µà¥‡à¤œà¥‹à¤‚ और डिजिटल साकà¥à¤·à¥à¤¯à¥‹à¤‚ को सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ रखे?
वैवाहिक घटनाओं से संबंधित रिकॉरà¥à¤¡
- विवाह और साथ रहने की वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤• अवधि;
- अलगाव की तारीख;
- पतà¥à¤¨à¥€ के सà¥à¤µà¥‡à¤šà¥à¤›à¤¾ से जाने से संबंधित संदेश;
- समà¤à¥Œà¤¤à¥‡ और मधà¥à¤¯à¤¸à¥à¤¥à¤¤à¤¾ दसà¥à¤¤à¤¾à¤µà¥‡à¤œ;
- पूरà¥à¤µ पà¥à¤²à¤¿à¤¸ शिकायतें;
- परिवार परामरà¥à¤¶ केंदà¥à¤° का रिकॉरà¥à¤¡;
- तलाक, à¤à¤°à¤£-पोषण या अà¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ मामलों की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚;
- पतà¥à¤¨à¥€ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ à¤à¥‡à¤œà¥‡ गठनोटिस और उतà¥à¤¤à¤°à¥¤
आरà¥à¤¥à¤¿à¤• रिकॉरà¥à¤¡
- पिछले तीन वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ के आयकर रिटरà¥à¤¨;
- वेतन परà¥à¤šà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚;
- बैंक और कà¥à¤°à¥‡à¤¡à¤¿à¤Ÿ कारà¥à¤¡ विवरण;
- ऋण की ईà¤à¤®à¤†à¤ˆ;
- किराठके दसà¥à¤¤à¤¾à¤µà¥‡à¤œ;
- माता-पिता और बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ पर वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤• वà¥à¤¯à¤¯;
- विदà¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ शà¥à¤²à¥à¤• और चिकितà¥à¤¸à¤¾ खरà¥à¤š;
- पतà¥à¤¨à¥€ को किठगठबैंक हसà¥à¤¤à¤¾à¤‚तरण;
- संयà¥à¤•à¥à¤¤ खाते और निवेश;
- वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¤¾à¤¯ की बैलेंस शीट, जीà¤à¤¸à¤Ÿà¥€ रिकॉरà¥à¤¡ और वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤• नकदी पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹à¥¤
इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤¨à¤¿à¤• साकà¥à¤·à¥à¤¯
- मूल वà¥à¤¹à¤¾à¤Ÿà¥à¤¸à¤à¤ª चैट;
- ईमेल;
- कॉल रिकॉरà¥à¤¡ का वैधानिक विवरण;
- फोटो और वीडियो की मूल फाइल;
- सीसीटीवी रिकॉरà¥à¤¡;
- यातà¥à¤°à¤¾ और सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ संबंधी रिकॉरà¥à¤¡;
- डिजिटल à¤à¥à¤—तान;
- कà¥à¤²à¤¾à¤‰à¤¡ बैकअप।
à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ साकà¥à¤·à¥à¤¯ अधिनियम के सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पर 1 जà¥à¤²à¤¾à¤ˆ 2024 से लागू à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ साकà¥à¤·à¥à¤¯ अधिनियम, 2023 की धाराà¤à¤‚ 61 से 63 इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤¨à¤¿à¤• रिकॉरà¥à¤¡ की सà¥à¤µà¥€à¤•ारà¥à¤¯à¤¤à¤¾ नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करती हैं। इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤¨à¤¿à¤• सामगà¥à¤°à¥€ पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¥à¤¤ करते समय सà¥à¤°à¥‹à¤¤, उपकरण, रिकॉरà¥à¤¡ तैयार करने की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ और आवशà¥à¤¯à¤• पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£à¤ªà¤¤à¥à¤° का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना आवशà¥à¤¯à¤• है।
सà¥à¤•à¥à¤°à¥€à¤¨à¤¶à¥‰à¤Ÿ लेकर मूल चैट मिटा देना गंà¤à¥€à¤° गलती है। महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ डिजिटल सामगà¥à¤°à¥€ को काटें, संपादित या कृतà¥à¤°à¤¿à¤® रूप से साफ न करें। मूल उपकरण, निरà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¤¿à¤¤ चैट, मेटाडेटा और बैकअप सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ रखें।
किसी का पासवरà¥à¤¡ तोड़कर, सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤µà¥‡à¤¯à¤° लगाकर या अवैध रूप से फोन रिकॉरà¥à¤¡ करके साकà¥à¤·à¥à¤¯ न जà¥à¤Ÿà¤¾à¤à¤‚। अवैध तरीके से जà¥à¤Ÿà¤¾à¤ˆ गई सामगà¥à¤°à¥€ सà¥à¤µà¤¯à¤‚ पति को नई कानूनी परेशानी में डाल सकती है।
पतà¥à¤¨à¥€ के आरोपों का पैरा-वाइज उतà¥à¤¤à¤° कैसे तैयार करें?
à¤à¤• मजबूत लिखित उतà¥à¤¤à¤° में पांच à¤à¤¾à¤— होने चाहिà¤:
पहला à¤à¤¾à¤—: पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤‚à¤à¤¿à¤• आपतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚
यहां आवशà¥à¤¯à¤•ता के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° निमà¥à¤¨ बिंदॠउठाठजा सकते हैं:
- नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ का कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤§à¤¿à¤•ार;
- पकà¥à¤·à¤•ारों के बीच वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤• घरेलू संबंध;
- साà¤à¤¾ गृह के तथà¥à¤¯;
- पूरà¥à¤µ मà¥à¤•दमे और समà¤à¥Œà¤¤à¥‡;
- समान आरोपों पर पहले हà¥à¤ आदेश;
- आवशà¥à¤¯à¤• पकà¥à¤·à¤•ारों की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿;
- असà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ और सरà¥à¤µà¤µà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥€ आरोप;
- महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ तथà¥à¤¯à¥‹à¤‚ का छिपाया जाना।
दूसरा à¤à¤¾à¤—: सही वैवाहिक समयरेखा
विवाह, साथ रहने, सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ परिवरà¥à¤¤à¤¨, विवाद, अलगाव, समà¤à¥Œà¤¤à¥‡ और मà¥à¤•दमों की तारीखवार समयरेखा दें।
तीसरा à¤à¤¾à¤—: पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• आरोप का अलग उतà¥à¤¤à¤°
“गलत और असà¥à¤µà¥€à¤•ार†लिखकर आगे न बढ़ें। जहां संà¤à¤µ हो, उसी अनà¥à¤šà¥à¤›à¥‡à¤¦ में विरोधी दसà¥à¤¤à¤¾à¤µà¥‡à¤œ का उलà¥à¤²à¥‡à¤– करें।
चौथा à¤à¤¾à¤—: पतà¥à¤¨à¥€ की आरà¥à¤¥à¤¿à¤• सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿
पतà¥à¤¨à¥€ की योगà¥à¤¯à¤¤à¤¾ और केवल “काम करने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾â€ पर निरà¥à¤à¤° न रहें। वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤• आय, रोजगार, बैंक कà¥à¤°à¥‡à¤¡à¤¿à¤Ÿ, कारोबार, किराया, निवेश या अनà¥à¤¯ संसाधनों का पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£ दें।
पांचवां à¤à¤¾à¤—: सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ पà¥à¤°à¤¾à¤°à¥à¤¥à¤¨à¤¾
मामले के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° शिकायत खारिज करने, अंतरिम राहत असà¥à¤µà¥€à¤•ार करने, दसà¥à¤¤à¤¾à¤µà¥‡à¤œ पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¥à¤¤ कराने, आय का सतà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤¨ कराने या अनà¥à¤¯ उपयà¥à¤•à¥à¤¤ आदेश की पà¥à¤°à¤¾à¤°à¥à¤¥à¤¨à¤¾ करें।
अंतरिम à¤à¤°à¤£-पोषण के मामले में पति की सबसे बड़ी गलतियां
गलती 1: अपनी आय छिपाना
पति पà¥à¤°à¤¾à¤¯à¤ƒ सोचता है कि कम आय दिखाकर à¤à¤°à¤£-पोषण कम हो जाà¤à¤—ा। लेकिन बैंक जमा, आयकर रिकॉरà¥à¤¡, जीवन-शैली, संपतà¥à¤¤à¤¿, कारोबार और खरà¥à¤šà¥‹à¤‚ में विरोधाà¤à¤¾à¤¸ सामने आने पर उसकी विशà¥à¤µà¤¸à¤¨à¥€à¤¯à¤¤à¤¾ समापà¥à¤¤ हो सकती है।
सà¥à¤ªà¥à¤°à¥€à¤® कोरà¥à¤Ÿ ने Rajnesh v. Neha, (2021) 2 SCC 324 में सà¤à¥€ à¤à¤°à¤£-पोषण मामलों के लिठआय, संपतà¥à¤¤à¤¿ और देनदारियों के विसà¥à¤¤à¥ƒà¤¤ शपथपतà¥à¤° का पà¥à¤°à¤¾à¤°à¥‚प निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ किया। उतà¥à¤¤à¤°à¤¦à¤¾à¤¤à¤¾ को सामानà¥à¤¯à¤¤à¤ƒ उतà¥à¤¤à¤° के साथ चार सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के à¤à¥€à¤¤à¤° शपथपतà¥à¤° दाखिल करना चाहिà¤à¥¤ जानबूà¤à¤•र देरी होने पर नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ बचाव बंद करने अथवा उपलबà¥à¤§ रिकॉरà¥à¤¡ के आधार पर निरà¥à¤£à¤¯ करने पर विचार कर सकता है।
गलती 2: पतà¥à¤¨à¥€ शिकà¥à¤·à¤¿à¤¤ है, इसलिठउसे कà¥à¤› नहीं मिलेगा
केवल डिगà¥à¤°à¥€, आयॠया रोजगार की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ यह सिदà¥à¤§ नहीं करती कि पतà¥à¤¨à¥€ वासà¥à¤¤à¤µ में परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ आय अरà¥à¤œà¤¿à¤¤ कर रही है।
Rakesh Ray v. Priti Ray, दिलà¥à¤²à¥€ हाई कोरà¥à¤Ÿ, 16 फरवरी 2026 में नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ ने कहा कि अधूरे बैंक विवरण मातà¥à¤° के आधार पर पतà¥à¤¨à¥€ को à¤à¤°à¤£-पोषण से वंचित नहीं किया जा सकता, खासकर जब उसकी वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤• आय का कोई ठोस पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£ न हो।
पति को यह दिखाना होगा कि पतà¥à¤¨à¥€:
- वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ में काम कर रही है;
- कितना कमा रही है;
- किस संसà¥à¤¥à¤¾ या कारोबार से कमा रही है;
- उसके खाते में नियमित आय कहां से आ रही है;
- उसने आय या संपतà¥à¤¤à¤¿ छिपाई है या नहीं।
गलती 3: अपà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£à¤¿à¤¤ तसà¥à¤µà¥€à¤°à¥‹à¤‚ से चरितà¥à¤° आरोप लगाना
Ateet Jain v. Chhavi Jain, दिलà¥à¤²à¥€ हाई कोरà¥à¤Ÿ, 4 फरवरी 2026 में पति ने कथित आपतà¥à¤¤à¤¿à¤œà¤¨à¤• तसà¥à¤µà¥€à¤°à¥‹à¤‚ के आधार पर पतà¥à¤¨à¥€ को अंतरिम à¤à¤°à¤£-पोषण से वंचित करने की मांग की। नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ ने कहा कि à¤à¤¸à¥€ तसà¥à¤µà¥€à¤°à¥‡à¤‚ अà¤à¥€ कानून के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° सिदà¥à¤§ नहीं हà¥à¤ˆ थीं और पतà¥à¤¨à¥€ ने उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ संपादित तथा जाली बताया था। केवल अपà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£à¤¿à¤¤ संबंध के आरोप पर अंतरिम à¤à¤°à¤£-पोषण रोका नहीं जा सकता।
संदेश सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ है: अदालत सबूत देखती है, सनसनी नहीं।
गलती 4: समानांतर à¤à¤°à¤£-पोषण आदेश छिपाना
पतà¥à¤¨à¥€ ने यदि किसी अनà¥à¤¯ कारà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤¹à¥€ में à¤à¤°à¤£-पोषण या आरà¥à¤¥à¤¿à¤• राहत पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ की है तो DV Act की धारा 26(3) के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° इसकी जानकारी मजिसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤Ÿ को देना आवशà¥à¤¯à¤• है। पति को सà¤à¥€ पूरà¥à¤µ आदेश नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ के रिकॉरà¥à¤¡ पर रखकर समायोजन की मांग करनी चाहिà¤à¥¤
à¤à¤• ही अवधि के लिठविà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ कारà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤¹à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ राशियों को जोड़कर अनà¥à¤šà¤¿à¤¤ दोहरा लाठनहीं दिया जाना चाहिà¤; नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ आवशà¥à¤¯à¤• समायोजन कर सकता है।
à¤à¤•तरफा आदेश हो जाठतो पति कà¥à¤¯à¤¾ करे?
यदि पति की अनà¥à¤ªà¤¸à¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में अंतरिम à¤à¤°à¤£-पोषण, निवास या संरकà¥à¤·à¤£ आदेश पारित हो गया है तो उसे नजरअंदाज न करें।
मामले के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° पति निमà¥à¤¨ उपायों पर विचार कर सकता है:
आदेश और सेवा रिकॉरà¥à¤¡ की पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£à¤¿à¤¤ पà¥à¤°à¤¤à¤¿ लें
जांचें कि नोटिस वासà¥à¤¤à¤µ में कब और कैसे तामील हà¥à¤† था। गलत पता, अपूरà¥à¤£ सेवा या अनà¥à¤ªà¤¸à¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ के वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤• कारण का पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£ रखें।
आदेश वापस लेने या संशोधित करने का आवेदन
परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ और नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ अपनाई गई पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के आधार पर à¤à¤•तरफा आदेश हटाने, सà¥à¤¨à¤µà¤¾à¤ˆ देने या अंतरिम राहत संशोधित करने का अनà¥à¤°à¥‹à¤§ किया जा सकता है।
धारा 25(2) का आवेदन
यदि आय, रोजगार, सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯, बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के खरà¥à¤š अथवा अनà¥à¤¯ महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में परिवरà¥à¤¤à¤¨ हà¥à¤† है तो मजिसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤Ÿ आदेश को बदल, संशोधित या निरसà¥à¤¤ कर सकता है।
धारा 29 के तहत अपील
मजिसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤Ÿ के आदेश के विरà¥à¤¦à¥à¤§ सतà¥à¤° नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ में अपील की जा सकती है। अधिनियम के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° अपील आदेश की तामील से 30 दिनों के à¤à¥€à¤¤à¤° दायर की जानी चाहिà¤à¥¤
अपील लंबित होने मातà¥à¤° से आदेश सà¥à¤µà¤¤à¤ƒ सà¥à¤¥à¤—ित नहीं होता। आवशà¥à¤¯à¤• हो तो अलग से सà¥à¤¥à¤—न की मांग करें।
कà¥à¤¯à¤¾ हाई कोरà¥à¤Ÿ à¤à¥‚ठा DV केस रदà¥à¤¦ कर सकता है?
हां, लेकिन हर मामले में नहीं।
सà¥à¤ªà¥à¤°à¥€à¤® कोरà¥à¤Ÿ ने Shaurabh Kumar Tripathi v. Vidhi Rawal, 2025 INSC 734 में निरà¥à¤£à¤¯ दिया कि हाई कोरà¥à¤Ÿ अपनी अंतरà¥à¤¨à¤¿à¤¹à¤¿à¤¤ शकà¥à¤¤à¤¿ का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— करते हà¥à¤ धारा 12 की कारà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤¹à¥€ रदà¥à¤¦ कर सकता है। वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में यह शकà¥à¤¤à¤¿ परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ नागरिक सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ संहिता की धारा 528 अथवा पूरà¥à¤µ मामलों में दंड पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ संहिता की धारा 482 से संबंधित हो सकती है।
लेकिन सà¥à¤ªà¥à¤°à¥€à¤® कोरà¥à¤Ÿ ने साथ ही चेतावनी दी कि हाई कोरà¥à¤Ÿ को यह शकà¥à¤¤à¤¿ बहà¥à¤¤ सावधानी से पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— करनी चाहिà¤à¥¤ केवल इसलिठकà¥à¤µà¥ˆà¤¶à¤¿à¤‚ग नहीं होगी कि पति आरोपों को à¤à¥‚ठा बताता है।
हाई कोरà¥à¤Ÿ का हसà¥à¤¤à¤•à¥à¤·à¥‡à¤ª सामानà¥à¤¯à¤¤à¤ƒ तब उचित हो सकता है जब:
- शिकायत पढ़ने पर à¤à¥€ आवशà¥à¤¯à¤• कानूनी ततà¥à¤µ न बनें;
- आरोप अतà¥à¤¯à¤‚त असà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ और सरà¥à¤µà¤µà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥€ हों;
- संबंधित वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ कà¤à¥€ साà¤à¤¾ गृह में रहा ही न हो;
- निरà¥à¤µà¤¿à¤µà¤¾à¤¦ दसà¥à¤¤à¤¾à¤µà¥‡à¤œ आरोपों को असंà¤à¤µ बनाते हों;
- पहले से बाधà¥à¤¯à¤•ारी समà¤à¥Œà¤¤à¤¾ मौजूद हो;
- कारà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤¹à¥€ सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ रूप से नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤²à¤¯à¥€à¤¯ पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ का दà¥à¤°à¥à¤ªà¤¯à¥‹à¤— हो;
- आरोप किसी वैध नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤²à¤¯à¥€à¤¯ आदेश से सीधे टकराते हों।
जहां तथà¥à¤¯ विवादित हों और साकà¥à¤·à¥à¤¯ दरà¥à¤œ करना आवशà¥à¤¯à¤• हो, वहां हाई कोरà¥à¤Ÿ सामानà¥à¤¯à¤¤à¤ƒ मà¥à¤•दमे का लघॠपरीकà¥à¤·à¤£ नहीं करेगा।
2026 में दिलà¥à¤²à¥€ हाई कोरà¥à¤Ÿ ने कब DV कारà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤¹à¥€ रदà¥à¤¦ की?
Sandeep Pathak and Others v. Lalita Tiwari
दिलà¥à¤²à¥€ हाई कोरà¥à¤Ÿ ने 10 मारà¥à¤š 2026 को Sandeep Pathak and Others v. Lalita Tiwari, CRL.M.C. 297 à¤à¤µà¤‚ 485/2021 में DV शिकायत और संबंधित à¤à¤«à¤†à¤ˆà¤†à¤° की समीकà¥à¤·à¤¾ की।
नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ ने पाया कि शिकायत में:
- किसी विशेष घरेलू हिंसा की सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ घटना नहीं थी;
- समय, पà¥à¤°à¤•ृति और तरीके का विवरण नहीं था;
- कई परिवारजनों के विरà¥à¤¦à¥à¤§ सामानà¥à¤¯ और वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤• आरोप थे।
हाई कोरà¥à¤Ÿ ने कहा कि à¤à¤¸à¥‡ असà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ और सरà¥à¤µà¤µà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥€ आरोप DV Act की कारà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤¹à¥€ बनाठरखने के लिठपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ नहीं थे।
यह निरà¥à¤£à¤¯ यह नहीं कहता कि हर संकà¥à¤·à¤¿à¤ªà¥à¤¤ शिकायत रदà¥à¤¦ हो जाà¤à¤—ी। इसका वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤• सिदà¥à¤§à¤¾à¤‚त यह है कि किस वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ ने, कब, कहां और कà¥à¤¯à¤¾ किया—इन बà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¤¦à¥€ विवरणों के बिना पूरे परिवार को मà¥à¤•दमे में घसीटना नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤²à¤¯à¥€à¤¯ जांच में टिक नहीं सकता।
समà¤à¥Œà¤¤à¥‡ के बाद नया DV केस: सà¥à¤ªà¥à¤°à¥€à¤® कोरà¥à¤Ÿ का 2026 का निरà¥à¤£à¤¯
Dhananjay Rathi v. Ruchika Rathi, 2026 INSC 360
इस मामले में पकà¥à¤·à¤•ारों ने मधà¥à¤¯à¤¸à¥à¤¥à¤¤à¤¾ के माधà¥à¤¯à¤® से विसà¥à¤¤à¥ƒà¤¤ समà¤à¥Œà¤¤à¤¾ किया था। समà¤à¥Œà¤¤à¥‡ में आरà¥à¤¥à¤¿à¤• à¤à¥à¤—तान, संपतà¥à¤¤à¤¿, आà¤à¥‚षण, तलाक और à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ में वैवाहिक विवाद से संबंधित नठनागरिक या आपराधिक मामले न करने की शरà¥à¤¤à¥‡à¤‚ थीं। बाद में पतà¥à¤¨à¥€ ने DV कारà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤¹à¥€ शà¥à¤°à¥‚ की।
सà¥à¤ªà¥à¤°à¥€à¤® कोरà¥à¤Ÿ ने 13 अपà¥à¤°à¥ˆà¤² 2026 को विशेष परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में DV Complaint No. 3186/2025 रदà¥à¤¦ कर दी। नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ ने समà¤à¥Œà¤¤à¥‡ के बड़े हिसà¥à¤¸à¥‡ के पालन, à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ के मà¥à¤•दमों पर सहमति और बाद की कारà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤¹à¥€ की परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ पर विचार किया।
यह निरà¥à¤£à¤¯ कोई सारà¥à¤µà¤à¥Œà¤®à¤¿à¤• नियम नहीं बनाता कि “समà¤à¥Œà¤¤à¤¾ होते ही हर DV केस खतà¥à¤® हो जाà¤à¤—ा।†परिणाम समà¤à¥Œà¤¤à¥‡ की à¤à¤¾à¤·à¤¾, उसके पालन, कथित नई घटनाओं, धोखाधड़ी या दबाव के आरोप और पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• मामले के तथà¥à¤¯à¥‹à¤‚ पर निरà¥à¤à¤° करेगा।
वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤• नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤²à¤¯à¥€à¤¯ तरà¥à¤• और निरà¥à¤£à¤¯ में दरà¥à¤œ नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¿à¤• उतà¥à¤¤à¤°
निमà¥à¤¨ संवाद निरà¥à¤£à¤¯à¥‹à¤‚ में दरà¥à¤œ तरà¥à¤•ों और निषà¥à¤•रà¥à¤·à¥‹à¤‚ का हिनà¥à¤¦à¥€ à¤à¤¾à¤µà¤¾à¤°à¥à¤¥ है; कोई कालà¥à¤ªà¤¨à¤¿à¤• कोरà¥à¤Ÿà¤°à¥‚म वारà¥à¤¤à¤¾à¤²à¤¾à¤ª नहीं है।
नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤²à¤¯à¥€à¤¯ पà¥à¤°à¤¶à¥à¤¨ 1: कà¥à¤¯à¤¾ à¤à¤• वरà¥à¤· बाद दायर DV आवेदन समय-बाधित है?
पति का तरà¥à¤•: कथित घटनाà¤à¤‚ पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥€ हैं; à¤à¤• वरà¥à¤· बाद आवेदन सà¥à¤µà¥€à¤•ार नहीं होना चाहिà¤à¥¤
सà¥à¤ªà¥à¤°à¥€à¤® कोरà¥à¤Ÿ का उतà¥à¤¤à¤°: धारा 12 का आवेदन किसी अपराध का अà¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤œà¤¨ शà¥à¤°à¥‚ करना नहीं है। DV Act में अपराध तब उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होता है जब संरकà¥à¤·à¤£ आदेश का उलà¥à¤²à¤‚घन किया जाता है। इसलिठधारा 12 का आवेदन केवल à¤à¤• वरà¥à¤· बीतने से सà¥à¤µà¤¤à¤ƒ समय-बाधित नहीं हो जाता।
यह सिदà¥à¤§à¤¾à¤‚त Kamatchi v. Lakshmi Narayanan, 13 अपà¥à¤°à¥ˆà¤² 2022 में निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ किया गया।
नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤²à¤¯à¥€à¤¯ पà¥à¤°à¤¶à¥à¤¨ 2: कà¥à¤¯à¤¾ हाई कोरà¥à¤Ÿ धारा 12 की पूरी कारà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤¹à¥€ रदà¥à¤¦ कर सकता है?
पà¥à¤°à¤¶à¥à¤¨: जब DV कारà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤¹à¥€ मà¥à¤–à¥à¤¯à¤¤à¤ƒ नागरिक पà¥à¤°à¤•ृति की है तो कà¥à¤¯à¤¾ धारा 482 CrPC अथवा धारा 528 BNSS पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— की जा सकती है?
सà¥à¤ªà¥à¤°à¥€à¤® कोरà¥à¤Ÿ का उतà¥à¤¤à¤°: हां। नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤²à¤¯à¥€à¤¯ पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के दà¥à¤°à¥à¤ªà¤¯à¥‹à¤— को रोकने और नà¥à¤¯à¤¾à¤¯ सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करने के लिठहाई कोरà¥à¤Ÿ कारà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤¹à¥€ रदà¥à¤¦ कर सकता है, लेकिन इस शकà¥à¤¤à¤¿ का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— दà¥à¤°à¥à¤²à¤ और सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ मामलों में होना चाहिà¤à¥¤
यह उतà¥à¤¤à¤° Shaurabh Kumar Tripathi v. Vidhi Rawal में दिया गया।
नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤²à¤¯à¥€à¤¯ पà¥à¤°à¤¶à¥à¤¨ 3: कà¥à¤¯à¤¾ पतà¥à¤¨à¥€ आपसी तलाक की सहमति वापस ले सकती है?
सà¥à¤ªà¥à¤°à¥€à¤® कोरà¥à¤Ÿ का उतà¥à¤¤à¤°: अंतिम डिकà¥à¤°à¥€ से पहले आपसी तलाक की सहमति वापस लेना कानूनन संà¤à¤µ है। लेकिन विसà¥à¤¤à¥ƒà¤¤, पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£à¤¿à¤¤ और बड़े सà¥à¤¤à¤° पर लागू किठजा चà¥à¤•े मधà¥à¤¯à¤¸à¥à¤¥à¤¤à¤¾ समà¤à¥Œà¤¤à¥‡ की अनà¥à¤¯ बाधà¥à¤¯à¤•ारी शरà¥à¤¤à¥‹à¤‚ से बिना वैध आधार पीछे हटना अलग पà¥à¤°à¤¶à¥à¤¨ है।
यह निषà¥à¤•रà¥à¤· Dhananjay Rathi v. Ruchika Rathi के विशिषà¥à¤Ÿ तथà¥à¤¯à¥‹à¤‚ में आया।
कà¥à¤¯à¤¾ वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ बाद दायर DV केस अपने आप à¤à¥‚ठा माना जाà¤à¤—ा?
नहीं।
लंबी देरी पति के बचाव में महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ हो सकती है, लेकिन केवल देरी से शिकायत सà¥à¤µà¤¤à¤ƒ समापà¥à¤¤ नहीं होती।
Kamatchi v. Lakshmi Narayanan में सà¥à¤ªà¥à¤°à¥€à¤® कोरà¥à¤Ÿ ने सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ किया कि à¤à¤• वरà¥à¤· वाली सीमा धारा 12 के आवेदन पर इस पà¥à¤°à¤•ार लागू नहीं होती। हालांकि नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ कथित घटनाओं, अलगाव की अवधि, पूरà¥à¤µ मौन, पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥‡ समà¤à¥Œà¤¤à¥‹à¤‚ और कथित निरंतर आरà¥à¤¥à¤¿à¤• शोषण सहित सà¤à¥€ तथà¥à¤¯à¥‹à¤‚ पर विचार कर सकता है।
इसलिठसही बचाव यह नहीं है कि “केस देर से आया है, इसलिठखतà¥à¤®à¥¤â€ सही बचाव है:
- कथित घटना और शिकायत के बीच की देरी दिखाना;
- देरी का कोई सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿà¥€à¤•रण न होना दिखाना;
- बीच के वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ के सामानà¥à¤¯ संबंध या विरोधी संदेश पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¥à¤¤ करना;
- यह दिखाना कि शिकायत किसी अनà¥à¤¯ मà¥à¤•दमे के बाद दबाव बनाने के लिठदायर हà¥à¤ˆ;
- पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• आरोप को दसà¥à¤¤à¤¾à¤µà¥‡à¤œà¥‹à¤‚ से असतà¥à¤¯ या असंà¤à¤µ सिदà¥à¤§ करना।
à¤à¥‚ठा शपथपतà¥à¤° देने पर पतà¥à¤¨à¥€ के विरà¥à¤¦à¥à¤§ कà¥à¤¯à¤¾ कारà¥à¤°à¤µà¤¾à¤ˆ हो सकती है?
हर गलत बयान अपने आप à¤à¥‚ठी गवाही का अपराध नहीं बनता।
कारà¥à¤°à¤µà¤¾à¤ˆ के लिठसामानà¥à¤¯à¤¤à¤ƒ यह दिखाना आवशà¥à¤¯à¤• होगा कि:
- बयान महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ तथà¥à¤¯ से संबंधित था;
- बयान शपथ या कानूनी घोषणा पर दिया गया;
- बयान देने वाली वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ जानती थी कि वह à¤à¥‚ठा है;
- à¤à¥‚ठकेवल सामानà¥à¤¯ अतिशयोकà¥à¤¤à¤¿ या सà¥à¤®à¥ƒà¤¤à¤¿ की à¤à¥‚ल नहीं था;
- नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¹à¤¿à¤¤ में अà¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤œà¤¨ आवशà¥à¤¯à¤• है।
1 जà¥à¤²à¤¾à¤ˆ 2024 से लागू à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ नà¥à¤¯à¤¾à¤¯ संहिता, 2023 की धारा 227 à¤à¥‚ठा साकà¥à¤·à¥à¤¯ देने और धारा 228 à¤à¥‚ठा साकà¥à¤·à¥à¤¯ गढ़ने से संबंधित है। नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤²à¤¯à¥€à¤¯ कारà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤¹à¥€ में à¤à¥‚ठे साकà¥à¤·à¥à¤¯ के लिठधारा 229 के अंतरà¥à¤—त दंड हो सकता है।
वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ नागरिक सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ संहिता की धारा 379 के तहत संबंधित नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤²à¤¯, आवेदन पर या सà¥à¤µà¤¯à¤‚, यह जांच सकता है कि नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¹à¤¿à¤¤ में लिखित शिकायत करना आवशà¥à¤¯à¤• है या नहीं। नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤‚à¤à¤¿à¤• जांच कर सकता है और फिर सकà¥à¤·à¤® मजिसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤Ÿ को शिकायत à¤à¥‡à¤œ सकता है।
पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥‡ मामलों में दंड पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ संहिता की धारा 340 और à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ दंड संहिता की संबंधित धाराà¤à¤‚ लागू हो सकती हैं।
रणनीतिक चेतावनी: केस की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में हर विरोधाà¤à¤¾à¤¸ पर à¤à¥‚ठी गवाही का आवेदन दायर करना कई बार मà¥à¤–à¥à¤¯ बचाव से धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ à¤à¤Ÿà¤•ा देता है। पहले à¤à¥‚ठको दसà¥à¤¤à¤¾à¤µà¥‡à¤œ से सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ करें। फिर देखें कि वह à¤à¥‚ठनिरà¥à¤£à¤¯ के लिठकितना महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ था।
पति को कौन-सी गलतियां बिलà¥à¤•à¥à¤² नहीं करनी चाहिà¤?
नोटिस की उपेकà¥à¤·à¤¾
अनà¥à¤ªà¤¸à¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ से à¤à¤•तरफा आदेश हो सकता है और बाद में बकाया राशि बढ़ती रह सकती है।
आय अथवा संपतà¥à¤¤à¤¿ छिपाना
नकली ऋण, अचानक संपतà¥à¤¤à¤¿ हसà¥à¤¤à¤¾à¤‚तरण या गलत आय शपथपतà¥à¤° पति की पूरी विशà¥à¤µà¤¸à¤¨à¥€à¤¯à¤¤à¤¾ नषà¥à¤Ÿ कर सकते हैं।
आदेश का उलà¥à¤²à¤‚घन
संरकà¥à¤·à¤£ आदेश के उलà¥à¤²à¤‚घन से अलग संजà¥à¤žà¥‡à¤¯ और गैर-जमानती अपराध बन सकता है।
डिजिटल साकà¥à¤·à¥à¤¯ मिटाना
संदेश, फोन या ईमेल हटाने से पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•ूल निषà¥à¤•रà¥à¤· निकल सकता है और पति सà¥à¤µà¤¯à¤‚ अपना सरà¥à¤µà¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤® बचाव नषà¥à¤Ÿ कर देता है।
सारà¥à¤µà¤œà¤¨à¤¿à¤• चरितà¥à¤°-हनन
नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ में सिदà¥à¤§ किठबिना सोशल मीडिया पर पतà¥à¤¨à¥€ के निजी या लैंगिक जीवन के आरोप पà¥à¤°à¤•ाशित करना मानहानि, गोपनीयता और अनà¥à¤¯ कानूनी जोखिम उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ कर सकता है।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को हथियार बनाना
बचà¥à¤šà¥‡ को मां के विरà¥à¤¦à¥à¤§ बयान सिखाना या मà¥à¤²à¤¾à¤•ात के आदेश का उलà¥à¤²à¤‚घन करना पति के अà¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ मामले को गंà¤à¥€à¤° नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चा सकता है।
आधारहीन जवाबी मà¥à¤•दमे
हर DV केस के जवाब में कई आपराधिक शिकायतें दाखिल करना रणनीति नहीं है। वही कारà¥à¤°à¤µà¤¾à¤ˆ करें जिसके लिठसà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤° तथà¥à¤¯ और साकà¥à¤·à¥à¤¯ उपलबà¥à¤§ हों।
पति की वà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¹à¤¾à¤°à¤¿à¤• कानूनी रणनीति
à¤à¤• पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ DV बचाव सामानà¥à¤¯à¤¤à¤ƒ चार सà¥à¤¤à¤°à¥‹à¤‚ पर तैयार होता है:
सà¥à¤¤à¤° 1: अंतरिम आदेश रोकना या नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करना
पहली तारीख, पैरा-वाइज उतà¥à¤¤à¤°, आय शपथपतà¥à¤° और ततà¥à¤•ाल दसà¥à¤¤à¤¾à¤µà¥‡à¤œà¥‹à¤‚ पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दें।
सà¥à¤¤à¤° 2: पतà¥à¤¨à¥€ की कहानी में विरोधाà¤à¤¾à¤¸ सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ करना
उसकी DV शिकायत की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ निमà¥à¤¨ से करें:
- पà¥à¤²à¤¿à¤¸ शिकायत;
- दहेज या कà¥à¤°à¥‚रता की à¤à¤«à¤†à¤ˆà¤†à¤°;
- तलाक याचिका;
- à¤à¤°à¤£-पोषण आवेदन;
- कानूनी नोटिस;
- मधà¥à¤¯à¤¸à¥à¤¥à¤¤à¤¾ बयान;
- आय शपथपतà¥à¤°;
- पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥‡ संदेश;
- चिकितà¥à¤¸à¤¾ रिकॉरà¥à¤¡à¥¤
à¤à¤• ही घटना की चार अलग कहानियां जिरह में महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ बन सकती हैं।
सà¥à¤¤à¤° 3: मà¥à¤•दमे का आरà¥à¤¥à¤¿à¤• नियंतà¥à¤°à¤£
सà¤à¥€ नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤²à¤¯à¥‹à¤‚ में चल रहे à¤à¤°à¤£-पोषण मामलों की सूची बनाà¤à¤‚। à¤à¥à¤—तान केवल दसà¥à¤¤à¤¾à¤µà¥‡à¤œà¥€ माधà¥à¤¯à¤® से करें। आदेश में असà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿà¤¤à¤¾ हो तो सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿà¥€à¤•रण मांगें; सà¥à¤µà¤¯à¤‚ à¤à¥à¤—तान रोकने का निरà¥à¤£à¤¯ न लें।
सà¥à¤¤à¤° 4: अपील या हाई कोरà¥à¤Ÿ
गलत अंतरिम आदेश के विरà¥à¤¦à¥à¤§ समय पर अपील करें। पूरी कारà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤¹à¥€ रदà¥à¤¦ कराने की मांग केवल तब करें जब रिकॉरà¥à¤¡ पर सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ कानूनी दोष या नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤²à¤¯à¥€à¤¯ पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ का गंà¤à¥€à¤° दà¥à¤°à¥à¤ªà¤¯à¥‹à¤— दिखता हो।
महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ निरà¥à¤£à¤¯: à¤à¤• नजर में
Kamatchi v. Lakshmi Narayanan, सà¥à¤ªà¥à¤°à¥€à¤® कोरà¥à¤Ÿ, 13 अपà¥à¤°à¥ˆà¤² 2022
सिदà¥à¤§à¤¾à¤‚त: धारा 12 का आवेदन केवल इस आधार पर समय-बाधित नहीं कि कथित घटना को à¤à¤• वरà¥à¤· से अधिक हो गया है। अपराध संरकà¥à¤·à¤£ आदेश के उलà¥à¤²à¤‚घन पर उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होता है।
Rajnesh v. Neha, सà¥à¤ªà¥à¤°à¥€à¤® कोरà¥à¤Ÿ
सिदà¥à¤§à¤¾à¤‚त: à¤à¤°à¤£-पोषण मामलों में दोनों पकà¥à¤·à¥‹à¤‚ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ आय, संपतà¥à¤¤à¤¿ और देनदारियों का विसà¥à¤¤à¥ƒà¤¤ शपथपतà¥à¤°; आय छिपाने या मांग बढ़ाने पर नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ दसà¥à¤¤à¤¾à¤µà¥‡à¤œ तलब कर सकता है।
Shaurabh Kumar Tripathi v. Vidhi Rawal, 2025 INSC 734
सिदà¥à¤§à¤¾à¤‚त: हाई कोरà¥à¤Ÿ DV Act की धारा 12 की कारà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤¹à¥€ रदà¥à¤¦ कर सकता है, लेकिन केवल सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ अनà¥à¤¯à¤¾à¤¯, गंà¤à¥€à¤° अवैधता या पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के दà¥à¤°à¥à¤ªà¤¯à¥‹à¤— वाले मामलों में।
Dhananjay Rathi v. Ruchika Rathi, 2026 INSC 360
सिदà¥à¤§à¤¾à¤‚त: विसà¥à¤¤à¥ƒà¤¤ मधà¥à¤¯à¤¸à¥à¤¥à¤¤à¤¾ समà¤à¥Œà¤¤à¥‡, उसके परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ पालन और à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ के मà¥à¤•दमों पर सहमति जैसी विशिषà¥à¤Ÿ परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में बाद की DV कारà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤¹à¥€ रदà¥à¤¦ की गई।
Sandeep Pathak and Others v. Lalita Tiwari, दिलà¥à¤²à¥€ हाई कोरà¥à¤Ÿ, 10 मारà¥à¤š 2026
सिदà¥à¤§à¤¾à¤‚त: समय, पà¥à¤°à¤•ृति, तरीके और वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ की à¤à¥‚मिका बताठबिना पूरे परिवार पर लगाठगठअसà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ आरोप कारà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤¹à¥€ बनाठरखने के लिठअपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ हो सकते हैं।
Rakesh Ray v. Priti Ray, दिलà¥à¤²à¥€ हाई कोरà¥à¤Ÿ, 16 फरवरी 2026
सिदà¥à¤§à¤¾à¤‚त: पतà¥à¤¨à¥€ की शिकà¥à¤·à¤¾ या रोजगार-योगà¥à¤¯à¤¤à¤¾ मातà¥à¤° से à¤à¤°à¤£-पोषण नहीं रोका जा सकता; वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤• आय और ठोस सामगà¥à¤°à¥€ महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है।
Ateet Jain v. Chhavi Jain, दिलà¥à¤²à¥€ हाई कोरà¥à¤Ÿ, 4 फरवरी 2026
सिदà¥à¤§à¤¾à¤‚त: अपà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£à¤¿à¤¤ संबंध के आरोप या विवादित तसà¥à¤µà¥€à¤°à¥‡à¤‚ अकेले अंतरिम à¤à¤°à¤£-पोषण रोकने के लिठपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ नहीं हैं।
मेरा सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ मत
मैं वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ से वैवाहिक कानूनों के दà¥à¤°à¥à¤ªà¤¯à¥‹à¤— से पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ को देखता आया हूं। सबसे बड़ी समसà¥à¤¯à¤¾ केवल à¤à¥‚ठा आरोप नहीं होता। समसà¥à¤¯à¤¾ यह à¤à¥€ होती है कि पà¥à¤°à¥à¤· नोटिस मिलने के बाद या तो डरकर गलत समà¤à¥Œà¤¤à¤¾ कर लेता है या कà¥à¤°à¥‹à¤§ में à¤à¤¸à¥€ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ देता है जो पतà¥à¤¨à¥€ के कमजोर केस को मजबूत बना देती है।
कानून का दà¥à¤°à¥à¤ªà¤¯à¥‹à¤— कानून तोड़कर नहीं रोका जा सकता।
पति को चाहिठकि वह:
- हर आरोप की तारीख मांगे;
- हर आरà¥à¤¥à¤¿à¤• दावे का पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£ मांगे;
- अपना रिकॉरà¥à¤¡ साफ रखे;
- नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ के आदेश का पालन करे;
- विरोधाà¤à¤¾à¤¸à¥‹à¤‚ को दसà¥à¤¤à¤¾à¤µà¥‡à¤œà¥‹à¤‚ से सामने लाà¤;
- और सही समय पर सही नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ में चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¥€ दे।
पतà¥à¤¨à¥€ का आरोप साकà¥à¤·à¥à¤¯ नहीं है। लेकिन पति का केवल इनकार à¤à¥€ बचाव नहीं है।
अदालत में वही पकà¥à¤· मजबूत होता है जिसकी कहानी दसà¥à¤¤à¤¾à¤µà¥‡à¤œ, तारीख और सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤° रिकॉरà¥à¤¡ से मेल खाती है।
निषà¥à¤•रà¥à¤·
à¤à¥‚ठा घरेलू हिंसा केस पति और उसके परिवार के लिठआरà¥à¤¥à¤¿à¤•, मानसिक और सामाजिक संकट पैदा कर सकता है। लेकिन डर, धमकी, आय छिपाना और तारीखों पर अनà¥à¤ªà¤¸à¥à¤¥à¤¿à¤¤ रहना समसà¥à¤¯à¤¾ को कई गà¥à¤¨à¤¾ बढ़ा देता है।
पति का बचाव तीन शबà¥à¤¦à¥‹à¤‚ पर आधारित होना चाहिà¤:
रिकॉरà¥à¤¡à¥¤ विरोधाà¤à¤¾à¤¸à¥¤ समयबदà¥à¤§ कारà¥à¤°à¤µà¤¾à¤ˆà¥¤
हर आरोप को तारीख से बांधिà¤à¥¤ हर तारीख को दसà¥à¤¤à¤¾à¤µà¥‡à¤œ से जांचिà¤à¥¤ हर आरà¥à¤¥à¤¿à¤• दावे को बैंक रिकॉरà¥à¤¡ से मिलाइà¤à¥¤ आदेश गलत है तो समय पर अपील कीजिà¤à¥¤ शिकायत सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ रूप से नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤²à¤¯à¥€à¤¯ पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ का दà¥à¤°à¥à¤ªà¤¯à¥‹à¤— है तो उपलबà¥à¤§ वैधानिक उपाय अपनाइà¤à¥¤
à¤à¥‚ठा केस शोर से नहीं टूटता। वह उस दिन टूटता है जब आरोप के सामने निरà¥à¤µà¤¿à¤µà¤¾à¤¦ रिकॉरà¥à¤¡ रख दिया जाता है।
FAQ’S
नहीं। धारा 12 का आवेदन सà¥à¤µà¤¯à¤‚ गिरफà¥à¤¤à¤¾à¤°à¥€ वारंट नहीं है। लेकिन संरकà¥à¤·à¤£ आदेश के उलà¥à¤²à¤‚घन पर धारा 31 और 32 के तहत संजà¥à¤žà¥‡à¤¯ तथा गैर-जमानती अपराध बन सकता है।
हां। सà¥à¤ªà¥à¤°à¥€à¤® कोरà¥à¤Ÿ ने कहा है कि धारा 12 का आवेदन केवल à¤à¤• वरà¥à¤· बीतने से सà¥à¤µà¤¤à¤ƒ समय-बाधित नहीं होता। देरी मामले के गà¥à¤£-दोष पर महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ हो सकती है।
हां। धारा 23 के तहत पà¥à¤°à¤¥à¤® दृषà¥à¤Ÿà¤¯à¤¾ सामगà¥à¤°à¥€ और शपथपतà¥à¤° के आधार पर अंतरिम अथवा à¤à¤•तरफा आदेश पारित किया जा सकता है। पति को तà¥à¤°à¤‚त उसे उचित नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ में चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¥€ देनी चाहिà¤à¥¤
धारा 29 के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° आदेश की तामील से 30 दिनों के à¤à¥€à¤¤à¤° सतà¥à¤° नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ में अपील दायर की जा सकती है।
हां, लेकिन कारà¥à¤°à¤µà¤¾à¤ˆ सà¥à¤µà¤šà¤¾à¤²à¤¿à¤¤ नहीं है। à¤à¥‚ठजानबूà¤à¤•र दिया गया, महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ और पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£à¤¿à¤¤ होना चाहिà¤à¥¤ वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ मामलों में नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ से à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ नागरिक सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ संहिता की धारा 379 के तहत कारà¥à¤°à¤µà¤¾à¤ˆ की मांग की जा सकती है।
लेखक परिचय
शोनी कपूर à¤à¤• पà¥à¤°à¥à¤· अधिकार कारà¥à¤¯à¤•रà¥à¤¤à¤¾ à¤à¤µà¤‚ कानूनी सलाहकार हैं। उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¤¾à¤°à¤¤ के विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤²à¤¯à¥‹à¤‚ में वादी और बाद में कारà¥à¤¯à¤•रà¥à¤¤à¤¾ के रूप में लगà¤à¤— 18 वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ का अनà¥à¤à¤µ है। वह वैवाहिक कानून, DV Act, धारा 498A, à¤à¤°à¤£-पोषण, तलाक, अà¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾, मधà¥à¤¯à¤¸à¥à¤¥à¤¤à¤¾ तथा मà¥à¤•दमे से पहले की रणनीति से संबंधित मामलों में परामरà¥à¤¶ देते हैं।
कानूनी असà¥à¤µà¥€à¤•रण
यह लेख सामानà¥à¤¯ कानूनी जानकारी के लिठहै। पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• DV मामला उसके आरोपों, दसà¥à¤¤à¤¾à¤µà¥‡à¤œà¥‹à¤‚, सà¥à¤¥à¤¾à¤¨, पूरà¥à¤µ कारà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤¹à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ और आदेशों पर निरà¥à¤à¤° करता है। किसी आवेदन, अपील, à¤à¥à¤—तान रोकने, संपरà¥à¤• करने या नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤²à¤¯à¥€à¤¯ आदेश के विरà¥à¤¦à¥à¤§ कदम उठाने से पहले मामले के पूरे रिकॉरà¥à¤¡ के साथ योगà¥à¤¯ अधिवकà¥à¤¤à¤¾ से सलाह लें।
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