498A का सच: झूठे मामलों में गिरफ्तारी नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने पुरुषों की स्वतंत्रता पर खींची लाल रेखा
धारा 498A के नाम पर बिना जांच गिरफà¥à¤¤à¤¾à¤°à¥€ ने हजारों निरà¥à¤¦à¥‹à¤· पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ और परिवारों की जिंदगी तबाह की है। सà¥à¤ªà¥à¤°à¥€à¤® कोरà¥à¤Ÿ ने साफ कर दिया है कि 498A गिरफà¥à¤¤à¤¾à¤°à¥€ का कानून नहीं है और वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤°à¤¤à¤¾ सरà¥à¤µà¥‹à¤ªà¤°à¤¿ है।
नई दिलà¥à¤²à¥€ : à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ दंड संहिता की धारा 498A को लागू करने का उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ विवाहित महिलाओं को कà¥à¤°à¥‚रता à¤à¤µà¤‚ दहेज उतà¥à¤ªà¥€à¤¡à¤¼à¤¨ से बचाना था ताकि उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ किसी अनहोनी का सामना ना करना पड़े, पर सवाल यह है कि:
- कà¥à¤¯à¤¾ यह कानून अपने उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ में सफल हो पाया?
- कà¥à¤¯à¤¾ वे महिलाà¤à¤‚, जो सचमà¥à¤š उतà¥à¤ªà¥€à¤¡à¤¼à¤¨ की शिकार हैं, वे इस कानून का लाठउठा पति हैं?
- या कहीं à¤à¤¸à¤¾ तो नहीं कि समाज के à¤à¤• पकà¥à¤· को सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ देने के उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ से उनको à¤à¤• शकà¥à¤¤à¤¿à¤¶à¤¾à¤²à¥€ हथियार पकड़ाकर, उसी समाज के दूसरे पकà¥à¤· को असà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ बना दिया गया है ?
जिसके कारण वे अपने जीने की सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤°à¤¤à¤¾ के अधिकार (à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ संविधान का अनà¥à¤šà¥à¤›à¥‡à¤¦ 21) के लिठà¤à¥€ गिड़गिड़ाने को मजबूर हो गठहैं।
इसमें कोई संदेह नहीं कि, इस कानून क वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤• दà¥à¤°à¥‚पयोग हà¥à¤† है, गिरफà¥à¤¤à¤¾à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ बड़े पैमाने पर हà¥à¤ˆ हैं, कई परिवार बिखर गà¤, इसमें पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ को दोषी पहले मान लिया गया और सà¥à¤¨à¤µà¤¾à¤ˆ बाद में हà¥à¤ˆ ।
आपराधिक कानून के इस दà¥à¤°à¥à¤ªà¤¯à¥‹à¤— को देखते हà¥à¤, à¤à¤¾à¤°à¤¤ के सरà¥à¤µà¥‹à¤šà¥à¤š नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ ने निरà¥à¤¦à¥‹à¤· पतियों, वृदà¥à¤§ माता-पिता, बहनों और यहां तक ​​कि नाबालिग रिशà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¥‹à¤‚ को à¤à¥‚ठे और बदले की नियत से किये गठमà¥à¤•दमों से बचाने के लिठसंवैधानिक सीमाà¤à¤‚ निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ करने के उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ से बार-बार निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶ दिठहैं ।
धारा 498A (IPC) की पृषà¥à¤ à¤à¥‚मि
धारा 498A को Criminal Law (Second Amendment) Act, 1983 के माधà¥à¤¯à¤® से लागू किया गया था और यह 25 दिसंबर 1983 से पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ में आया। इसके तहत पति या उसके रिशà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¥‹à¤‚ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ की गई कà¥à¤°à¥‚रता को अपराध की शà¥à¤°à¥‡à¤£à¥€ में रखा गया, जिससे यह अपराध संजà¥à¤žà¥‡à¤¯ और गैर-जमानती बन गया, जिसके लिठतीन साल तक के कारावास और जà¥à¤°à¥à¤®à¤¾à¤¨à¥‡ का पà¥à¤°à¤¾à¤µà¤§à¤¾à¤¨ है।
इसका उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ था, दहेज हतà¥à¤¯à¤¾à¤“ं और विवाहित महिलाओं के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ कà¥à¤°à¥‚रता पर अंकà¥à¤¶ लगाना।
हालांकि, इसका परिणाम यह हà¥à¤† कि पीड़ितों का à¤à¤• नया वरà¥à¤— बन गया—पà¥à¤°à¥à¤· और उनका परिवार—जो पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¥‹à¤§, दबाव या वितà¥à¤¤à¥€à¤¯ शोषण के लिठदायर किठगठà¤à¥‚ठे मà¥à¤•दमों में फंस गà¤à¥¤
जैसे-जैसे इसका दà¥à¤°à¥à¤ªà¤¯à¥‹à¤— बढ़ता गया, संवैधानिक नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤²à¤¯à¥‹à¤‚ को हसà¥à¤¤à¤•à¥à¤·à¥‡à¤ª करने के लिठविवश होना पड़ा।
सà¥à¤ªà¥à¤°à¥€à¤® कोरà¥à¤Ÿ के वे à¤à¤¤à¤¿à¤¹à¤¾à¤¸à¤¿à¤• फैसले जो धारा 498A के दà¥à¤°à¥à¤ªà¤¯à¥‹à¤— पर अंकà¥à¤¶ लगाने में सफल रहे
Arnesh Kumar v. State of Bihar
धारा 498A के तहत गिरफà¥à¤¤à¤¾à¤°à¥€ पर यह सबसे निरà¥à¤£à¤¾à¤¯à¤• फैसला है। सà¥à¤ªà¥à¤°à¥€à¤® कोरà¥à¤Ÿ ने खà¥à¤²à¥‡ तौर पर सà¥à¤µà¥€à¤•ार किया कि यह पà¥à¤°à¤¾à¤µà¤§à¤¾à¤¨ “ढाल के बजाय हथियार” बन गया था और इसके दà¥à¤°à¥à¤ªà¤¯à¥‹à¤— को कानूनी आतंकवाद बताया गया।
मà¥à¤–à¥à¤¯ दिशा-निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶ :
- धारा 498A सहित 7 वरà¥à¤· तक की सजा वाले सà¤à¥€ अपराधों में बिना जाà¤à¤š पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के गिरफà¥à¤¤à¤¾à¤°à¥€ नहीं होगी।
- पà¥à¤²à¤¿à¤¸ को CrPC की धारा 41 और 41A का पालन करना होगा।
- गिरफà¥à¤¤à¤¾à¤°à¥€ केवल तà¤à¥€ की जाà¤à¤—ी जब:
- खतरा निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ हो।
- आरोपी सबूतों के साथ छेड़छाड़ कर सकता हो।
- आरोपी फरार हो सकता हो।
- मजिसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤Ÿ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ आरोपी को हिरासत à¤à¥‡à¤œà¤¨à¥‡ से पहले कारण दरà¥à¤œ करने होंगे।
Rajesh Sharma v. State of Uttar Pradesh
नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ ने इस बात को सà¥à¤µà¥€à¤•ार किया कि धारा 498A के तहत à¤à¥‚ठे मामले वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¥‹à¤§ की à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ से दरà¥à¤œ किठजाते हैं, जिससे पूरे परिवार को आपराधिक मà¥à¤•दमेबाजी में घसीटा जाता है।
मà¥à¤–à¥à¤¯ दिशा-निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶ :
- अनावशà¥à¤¯à¤• गिरफà¥à¤¤à¤¾à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को रोकने पर जोर
- समà¤à¥Œà¤¤à¤¾ और सà¥à¤²à¤¹ पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ केंदà¥à¤°à¤¿à¤¤ करना
- वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤• दà¥à¤°à¥à¤ªà¤¯à¥‹à¤— को नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¿à¤• पहचान (हालांकि कà¥à¤› दिशा-निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥‹à¤‚ में बाद में संशोधन किया गया)
Social Action Forum for Manav Adhikar v. Union of India
नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ ने इस बात की पà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ की कि धारा 498A का दà¥à¤°à¥à¤ªà¤¯à¥‹à¤— à¤à¤• गंà¤à¥€à¤° चिंता का विषय है और अरà¥à¤¨à¥‡à¤¶ कà¥à¤®à¤¾à¤° मामले में निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ संवैधानिक सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ उपायों को बरकरार रखा।
मà¥à¤–à¥à¤¯ दिशा-निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶:
- महिलाओं की सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ और पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ की सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤°à¤¤à¤¾ के बीच संतà¥à¤²à¤¨ बनाठरखना
- अनà¥à¤šà¥à¤›à¥‡à¤¦ 21 के अंतरà¥à¤—त संवैधानिक सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ उपायों को कमजोर नहीं करना
Preeti Gupta v. State of Jharkhand
कोरà¥à¤Ÿ ने रिशà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¥‹à¤‚, विशेषतः अलग रह रहे बà¥à¤œà¥à¤°à¥à¤— माता-पिता और विवाहित बहनों को लापरवाहीपूरà¥à¤µà¤• और षडà¥à¤¯à¤‚तà¥à¤° के ज़रिये दोषी ठहराने की निंदा की।
मà¥à¤–à¥à¤¯ दिशा-निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶ :
- असà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ और वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤• आरोप मà¥à¤•दमे को रदà¥à¤¦ करने का आधार है।
- अलग रह रहे रिशà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¥‹à¤‚ को सशकà¥à¤¤ नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¿à¤• संरकà¥à¤·à¤£ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ होना चाहिà¤à¥¤
Sushil Kumar Sharma v. Union of India
यह उन शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ मामलों में से à¤à¤• है जिनमें सà¥à¤ªà¥à¤°à¥€à¤® कोरà¥à¤Ÿ ने चेतावनी दी थी कि धारा 498A का दà¥à¤°à¥à¤ªà¤¯à¥‹à¤— कानूनी आतंकवाद के समान है।
मà¥à¤–à¥à¤¯ दिशा-निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶:
- कानून को ढाल के रूप में कारà¥à¤¯ करना चाहिà¤, ना कि हथियार के रूप में।
- नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤²à¤¯à¥‹à¤‚ को वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤• कà¥à¤°à¥‚रता और पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के दà¥à¤°à¥à¤ªà¤¯à¥‹à¤— के बीच अंतर करना चाहिà¤à¥¤
- निरà¥à¤¦à¥‹à¤· वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को à¤à¥‚ठी शिकायतों के कारण गिरफà¥à¤¤à¤¾à¤°à¥€ और कारावास का सामना नहीं करना चाहिà¤à¥¤
गिरफà¥à¤¤à¤¾à¤°à¥€ अनिवारà¥à¤¯ नहीं – सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤°à¤¤à¤¾ मौलिक अधिकार है
सà¥à¤ªà¥à¤°à¥€à¤® कोरà¥à¤Ÿ ने अपने निरà¥à¤£à¤¯à¥‹à¤‚ में लगातार यह माना है कि गिरफà¥à¤¤à¤¾à¤°à¥€ अपवाद है, नियम नहीं, विशेषकर वैवाहिक विवादों में। विवाह संवैधानिक अधिकारों को निलंबित नहीं करता। केवल आरोपों के आधार पर कैद उचित नहीं ठहराया जा सकता।
नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ ने यह à¤à¥€ चेतावनी दी है कि गिरफà¥à¤¤à¤¾à¤°à¥€ संबंधी दिशानिरà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥‹à¤‚ का उलà¥à¤²à¤‚घन करने वाले पà¥à¤²à¤¿à¤¸ अधिकारी बाधà¥à¤¯à¤•ारी कानून का पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤•à¥à¤· उलà¥à¤²à¤‚घन करते हैं और उनके खिलाफ विà¤à¤¾à¤—ीय कारà¥à¤°à¤µà¤¾à¤ˆ और अवमानना ​​की कारà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤¹à¥€ की जा सकती है।
धारा 498A के à¤à¥‚ठे केस में फंसाये जाने पर वो महतà¥à¤¤à¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ कदम जो पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ के लिठज़रूरी हैं
धारा 498A का दà¥à¤°à¥à¤ªà¤¯à¥‹à¤— होने पर पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ के लिठजो सबसे बड़ी समसà¥à¤¯à¤¾ है, घबरा का उनका हार मान लेना। à¤à¤¸à¥‡ में सà¥à¤ªà¥à¤°à¥€à¤® कोरà¥à¤Ÿ ने आपको पहले ही सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ उपाय उपलबà¥à¤§ करा दिठहैं—बशरà¥à¤¤à¥‡ आप उनका उपयोग करना जानते हों।
धारा 41A CrPC के तहत नोटिस की मांग करें
पà¥à¤²à¤¿à¤¸ सà¥à¤µà¤¤à¤ƒ गिरफà¥à¤¤à¤¾à¤° नहीं कर सकती। उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ का नोटिस जारी करना होगा।
किसी à¤à¥€ उलà¥à¤²à¤‚घन को मजिसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤Ÿ या उचà¥à¤š नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ के समकà¥à¤· चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¥€ दी जा सकती है।
अगà¥à¤°à¤¿à¤® जमानत के लिठआवेदन करें (धारा 438 CrPC)
Arnesh Kumar का हवाला दें। नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ उचित दिशा-निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥‹à¤‚ का पालन करने पर नियमित रूप से अंतरिम सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ और गिरफà¥à¤¤à¤¾à¤°à¥€ निषेध निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करते हैं।
धारा 482 CrPC के तहत मामला रदà¥à¤¦ करने की मांग करें
उचà¥à¤š नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ FIR को निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में रदà¥à¤¦ कर सकते हैं:
- आरोप असà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ या वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤• हों
- किसी विशेष à¤à¥‚मिका का उलà¥à¤²à¥‡à¤– न हो
- मामला दà¥à¤°à¥à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤ªà¥‚रà¥à¤£ इरादे से दरà¥à¤œ किया गया हो
आपराधिक कानून अनà¥à¤®à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ पर आधारित नहीं हो सकता।
धारा 498A के तहत à¤à¥‚ठे मामलों की कठोर सचà¥à¤šà¤¾à¤ˆ
498A के à¤à¥‚ठे मामले महज़ à¤à¤• “घरेलू विवाद” नहीं हैं। इसमें मà¥à¤•़दमे का फैसला बाद में आता है पर सजा पहले ही सà¥à¤¨à¤¾à¤ˆ जाती है।
- करियर बरà¥à¤¬à¤¾à¤¦: पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ को केस से बरी होने में सालों लग जाते हैं; नौकरी तक चली जाती है और गई हà¥à¤ˆ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤ ा कà¤à¥€ वापस नहीं लौटती।
- पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ को आतà¥à¤®à¤¹à¤¤à¥à¤¯à¤¾ के लिठमजबूर कर दिया जाता है : गिरफà¥à¤¤à¤¾à¤°à¥€ की धमकियाà¤, सारà¥à¤µà¤œà¤¨à¤¿à¤• अपमान और आरà¥à¤¥à¤¿à¤• बरà¥à¤¬à¤¾à¤¦à¥€ पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ को मानसिक रूप से तोड़ देती हैं।
- माता-पिता रातोंरात अपराधी बन जाते हैं: बà¥à¤œà¥à¤°à¥à¤— माता-पिता और दूर के रिशà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¥‹à¤‚ को सालों तक अदालतों में घसीटा जाता है।
- विवाह का दà¥à¤°à¥à¤ªà¤¯à¥‹à¤—: आपराधिक कानून का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² धन, संपतà¥à¤¤à¤¿ और समà¤à¥Œà¤¤à¥‹à¤‚ के लिठदबाव बनाने के रूप में किया जाता है।
- à¤à¥‚ठी शिकायतकरà¥à¤¤à¤¾à¤“ं के लिठजà¥à¤°à¥à¤®à¤¾à¤¨à¥‡ या सज़ा का कोई पà¥à¤°à¤¾à¤µà¤§à¤¾à¤¨ नहीं : à¤à¥‚ठी गवाही या गलत उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ से किये गठमà¥à¤•़दमे के लिठकोई वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤• पà¥à¤°à¤¾à¤µà¤§à¤¾à¤¨ नहीं।
à¤à¤•तरफा जवाबदेही से नà¥à¤¯à¤¾à¤¯ कायम नहीं रह सकता।
निषà¥à¤•रà¥à¤·
सरà¥à¤µà¥‹à¤šà¥à¤š नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ ने संवैधानिक सीमाà¤à¤ निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ करके अपना करà¥à¤¤à¤µà¥à¤¯ पूरा कर दिया है। लेकिन सिरà¥à¤« सà¥à¤ªà¥à¤°à¥€à¤® कोरà¥à¤Ÿ के फैसलों से सà¥à¤§à¤¾à¤° नहीं लाया जा सकता। जब तक à¤à¥‚ठे शिकायतकरà¥à¤¤à¤¾à¤“ं को कानूनी रूप से जवाबदेह नहीं ठहराया जाता, तब तक निरà¥à¤¦à¥‹à¤· लोगों के लिठसà¥à¤ªà¥à¤°à¥€à¤® कोरà¥à¤Ÿ के फैसले ही à¤à¤•मातà¥à¤° ढाल बने रहेंगे, न कि सà¥à¤µà¤¯à¤‚ कानून। नà¥à¤¯à¤¾à¤¯ सबके लिठबराबर होने चाहिठना कि सिरà¥à¤« उनके लिठजो इसका चयन करते हैं। सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤°à¤¤à¤¾ को लिंग के आधार पर विà¤à¤¾à¤œà¤¿à¤¤ नहीं किया जा सकता।
498A के तहत à¤à¥‚ठे मामलों में लागू कानून व विधिक धाराà¤à¤
| धारा (Section) | अधिनियम (Act) | 498A के à¤à¥‚ठे मामलों में à¤à¥‚मिका |
| Section 498A | à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ दंड संहिता (IPC) | पति या उसके परिजनों दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ की गई कà¥à¤°à¥‚रता को अपराध घोषित करती है; असल में इसका दà¥à¤°à¥à¤ªà¤¯à¥‹à¤— होता है और बिना जाà¤à¤š पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के ततà¥à¤•ाल गिरफà¥à¤¤à¤¾à¤°à¥€ हो जाती है |
| Article 21 | à¤à¤¾à¤°à¤¤ का संविधान (COI) | जीवन और वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤°à¤¤à¤¾ का मौलिक अधिकार; à¤à¥‚ठे मामलों में मनमानी गिरफà¥à¤¤à¤¾à¤°à¥€ से इस अधिकार का उलà¥à¤²à¤‚घन होता है |
| Section 41 | दंड पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ संहिता (CrPC) | गिरफà¥à¤¤à¤¾à¤°à¥€ की शरà¥à¤¤à¥‡à¤‚ निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ की जाती है; पà¥à¤²à¤¿à¤¸ को गिरफà¥à¤¤à¤¾à¤°à¥€ से पहले इसकी आवशà¥à¤¯à¤•ता को लिखित रूप में उचित ठहराना जरूरी |
| Section 41A | दंड पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ संहिता (CrPC) | पà¥à¤²à¤¿à¤¸ के समकà¥à¤· उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ का नोटिस देना अनिवारà¥à¤¯; 498A के दà¥à¤°à¥à¤ªà¤¯à¥‹à¤— पर सà¥à¤ªà¥à¤°à¥€à¤® कोरà¥à¤Ÿ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ दिया गया पà¥à¤°à¤®à¥à¤– सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ उपाय |
| Section 438 | दंड पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ संहिता (CrPC) | गिरफà¥à¤¤à¤¾à¤°à¥€ से बचने के लिठअगà¥à¤°à¤¿à¤® जमानत का पà¥à¤°à¤¾à¤µà¤§à¤¾à¤¨; à¤à¥‚ठे व दà¥à¤°à¥à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤ªà¥‚रà¥à¤£ मामलों में महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ राहत |
| Section 482 | दंड पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ संहिता (CrPC) | हाई कोरà¥à¤Ÿ की अंतरà¥à¤¨à¤¿à¤¹à¤¿à¤¤ शकà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤; à¤à¥‚ठे और पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¥‹à¤§ की à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ से या कानून के दà¥à¤°à¥à¤ªà¤¯à¥‹à¤— वाले मामलों को रदà¥à¤¦ करने का अधिकार |
मà¥à¤–à¥à¤¯ बातें (Key Takeaways)
- धारा 498A कोई गिरफà¥à¤¤à¤¾à¤°à¥€ कानून नहीं है: गिरफ़à¥à¤¤à¤¾à¤°à¥€ का कारण रिकॉरà¥à¤¡ ना करना, संविधान का उलà¥à¤²à¤‚घनहै
- अनà¥à¤šà¥à¤›à¥‡à¤¦ 21 पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ को à¤à¥€ समान संरकà¥à¤·à¤£ देता है: विवाह के बाद à¤à¥€ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ की सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤°à¤¤à¤¾ समापà¥à¤¤ नहीं हो जाती
- असà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ व सामूहिक आरोपों का कोई कानूनी मूलà¥à¤¯ नहीं: ओमà¥à¤¨à¤¿à¤¬à¤¸ FIRs (सामानà¥à¤¯ व बिना विवरण के आरोप) रदà¥à¤¦ किठजाने योगà¥à¤¯ हैं
- सिरà¥à¤« रिशà¥à¤¤à¥‡ के आधार पर परिजनों को फà¤à¤¸à¤¾à¤¯à¤¾ नहीं जा सकता: रिशà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¥€ अपराध का पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£ नहीं है
- आपराधिक कानून दबाव या वसूली का औज़ार नहीं हो सकता: धारा 498A का उपयोग बà¥à¤²à¥ˆà¤•मेलिंग या à¤à¤•à¥à¤¸à¤Ÿà¥‰à¤°à¥à¤¶à¤¨ के लिठकरना कानून का दà¥à¤°à¥à¤ªà¤¯à¥‹à¤— है
- FIR में अनावशà¥à¤¯à¤• देरी मामला कमज़ोर करती है: बिना सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿà¥€à¤•रण की देरी गंà¤à¥€à¤° संदेह उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ करती है
- दà¥à¤°à¥à¤ªà¤¯à¥‹à¤— से वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤• पीड़िताओं को à¤à¥€ नà¥à¤•सान होता है: à¤à¥‚ठे केस असली पीड़िताओं की सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ को कमजोर करते हैं
- नà¥à¤¯à¤¾à¤¯ लैंगिक रूप से तटसà¥à¤¥ होना चाहिà¤: कानून के समकà¥à¤· समानता पर कोई समà¤à¥Œà¤¤à¤¾ नहीं होना चाहिà¤
FAQs
कà¥à¤¯à¤¾ धारा 498A में पà¥à¤²à¤¿à¤¸ तà¥à¤°à¤‚त पति को गिरफà¥à¤¤à¤¾à¤° कर सकती है?
नहीं। सà¥à¤ªà¥à¤°à¥€à¤® कोरà¥à¤Ÿ ने सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ किया है कि गिरफà¥à¤¤à¤¾à¤°à¥€ सà¥à¤µà¤¤à¤ƒ नहीं होती। पà¥à¤²à¤¿à¤¸ को गिरफà¥à¤¤à¤¾à¤°à¥€ से पहले धारा 41 और 41A CrPC का पालन करना अनिवारà¥à¤¯ है।
सà¥à¤ªà¥à¤°à¥€à¤® कोरà¥à¤Ÿ का कौन-सा निरà¥à¤£à¤¯ 498A के à¤à¥‚ठे मà¥à¤•़दमे में पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ को गिरफ़à¥à¤¤à¤¾à¤°à¥€ से बचाता है?
Arnesh Kumar V. State of Bihar का निरà¥à¤£à¤¯à¥¤ इस फैसले में अवैध गिरफà¥à¤¤à¤¾à¤°à¥€ को दंडनीय बताया गया और हिरासत सौंपने से पहले कारण दरà¥à¤œ करना अनिवारà¥à¤¯ किया गया।
कà¥à¤¯à¤¾ 498A की à¤à¥‚ठी FIR को हाई कोरà¥à¤Ÿ रदà¥à¤¦ कर सकता है?
हाà¤à¥¤ यदि FIR में आरोप असà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ, सामूहिक या दà¥à¤°à¥à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤ªà¥‚रà¥à¤£ हों, तो धारा482 CrPC के तहत FIR रदà¥à¤¦ की जा सकती है।
कà¥à¤¯à¤¾ बिना सबूत माता-पिता व रिशà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¥‹à¤‚ को 498A में गिरफà¥à¤¤à¤¾à¤° किया जा सकता है?
नहीं। सà¥à¤ªà¥à¤°à¥€à¤® कोरà¥à¤Ÿ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° बिना विशिषà¥à¤Ÿ à¤à¥‚मिका और ठोस पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£ के परिजनों को आरोपी नहीं बनाया जा सकता।
कà¥à¤¯à¤¾ सà¥à¤ªà¥à¤°à¥€à¤® कोरà¥à¤Ÿ ने माना है कि धारा 498A का दà¥à¤°à¥à¤ªà¤¯à¥‹à¤— होता है?
हाà¤à¥¤ सà¥à¤ªà¥à¤°à¥€à¤® कोरà¥à¤Ÿ ने कई फैसलों में इसके बड़े पैमाने पर दà¥à¤°à¥à¤ªà¤¯à¥‹à¤— को सà¥à¤µà¥€à¤•ार किया है और 498A को कानूनी रूप से वसूली का हथियार ना बनाने की हिदायत दी है ।
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