भारत में पिता को चाइल्ड कस्टडी क्यों नहीं मिलती? कानून बराबर है, सिस्टम नहीं
à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ कानून कसà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ में माà¤-पिता को बराबर मानता है, लेकिन कोरà¥à¤Ÿ के फैसलों में सामाजिक धारणाà¤à¤ हावी रहती हैं। सही कानूनी रणनीति और जानकारी के अà¤à¤¾à¤µ में अधिकांश पिता कसà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ की लड़ाई हार जाते हैं।
नई दिलà¥à¤²à¥€: à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ कानून के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, चाइलà¥à¤¡ कसà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करना इस बात पर निरà¥à¤à¤° नहीं करता कि कसà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ पाने वाला वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ उस बचà¥à¤šà¥‡ की माठहै या उसका पिता, बलà¥à¤•ि यह इस बात से तय किया जाता है कि बचà¥à¤šà¥‡ का सरà¥à¤µà¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤® हित किसके साथ है।
इसी विषय में यदि सामाजिक मानà¥à¤¯à¤¤à¤¾à¤“ं पर दृषà¥à¤Ÿà¤¿ डालें तो ये पता चलता है कि, पिता की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में बचà¥à¤šà¥‡ की माठअधिक योगà¥à¤¯ है, उसका पालन-पोषण करने के लिà¤, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि à¤à¤• बचà¥à¤šà¥‡ का शारीरिक à¤à¤µà¤‚ à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• जà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤µ माठके साथ अधिक होता है, अब सवाल यह है की इस विषय पर à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤ªà¤¾à¤²à¤¿à¤•ा का कà¥à¤¯à¤¾ दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोण है?
नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ किन बातों को धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में रखकर “चाइलà¥à¤¡ कसà¥à¤Ÿà¤¡à¥€” मामलों में फैसले सà¥à¤¨à¤¾à¤¤à¥€ है?
कà¥à¤¯à¤¾ नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤²à¤¯à¥‹à¤‚ का फैसला निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ कानून के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° होता है या उन फैसलों पर सामाजिक मानà¥à¤¯à¤¤à¤¾à¤“ं का à¤à¥€ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ होता है?
और कैसे à¤à¤• पिता सही जानकारी à¤à¤µà¤‚ रणनीति के अà¤à¤¾à¤µ में कानूनी पकà¥à¤·à¤ªà¤¾à¤¤ का शिकार हो जाता है?
इन सवालों पर नज़र डालने से पहले इस इस बात की जानकारी होना आवशà¥à¤¯à¤• है, की चाइलà¥à¤¡ कसà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ है कà¥à¤¯à¤¾, और कब इसकी नौबत आती है?
चाइलà¥à¤¡ कसà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ कà¥à¤¯à¤¾ है और कब पड़ती है इसकी ज़रूरत?
चाइलà¥à¤¡ कसà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ उस अवसà¥à¤¥à¤¾ अथवा वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ को कहा जाता है, जब बचà¥à¤šà¥‡ को साथ रखने, देखà¤à¤¾à¤² à¤à¤µà¤‚ पालन-पोषण करने, उसकी शिकà¥à¤·à¤¾ à¤à¤µà¤‚ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ फैसले लेने का अधिकार और बचà¥à¤šà¥‡ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ सà¤à¥€ उतà¥à¤¤à¤°à¤¦à¤¾à¤¯à¤¿à¤¤à¥à¤µ कोरà¥à¤Ÿ किसी à¤à¤• अà¤à¤¿à¤à¤¾à¤µà¤•, माता या पिता को सौंपती है।
यदि à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ कानूनी वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ पर नज़र डालें तो ये पता चलता है कि बचà¥à¤šà¥‡ का सरà¥à¤µà¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤® हित यानि “वेलफेयर ऑफ़ चाइलà¥à¤¡” को धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में रखकर ये फैसला किया जाता है कि बचà¥à¤šà¥‡ की कसà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ किसको दी जाà¤à¤—ी।
अतः बचà¥à¤šà¥‡ की कसà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ ना तो माता के अधिकार पर निरà¥à¤à¤° करती है, ना ही पिता के अधिकार पर, बलà¥à¤•ि इसके लिठमहतà¥à¤¤à¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ à¤à¤µà¤‚ निरà¥à¤£à¤¾à¤¯à¤• बिंदॠहै “बचà¥à¤šà¥‡ का अधिकार” कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि à¤à¤• बचà¥à¤šà¥‡ की सही वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ परवरिश ही उसका उजà¥à¤œà¤µà¤² à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ तय करती है, अतः नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤²à¤¯à¥‹à¤‚ के लिठबचà¥à¤šà¥‡ की कसà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ का फैसला करते समय उसके सरà¥à¤µà¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤® हितों को धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में रखना ज़रूरी हो जाता है।
अब सवाल उठता है, कि चाइलà¥à¤¡ कसà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ की नौबत कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ और कब आती है? सामानà¥à¤¯à¤¤à¤ƒ à¤à¤¸à¥‡ मà¥à¤¶à¥à¤•िल फैसले की की नौबत तà¤à¥€ आती है जब बचà¥à¤šà¥‡ के माता-पिता कानूनी रूप से à¤à¤• दà¥à¤¸à¤°à¥‡ से अलग हो रहे होते हैं अथवा तलाक़ लेते हैं, और बचà¥à¤šà¥‡ की परवरिश को लेकर आपसी सहमति नहीं बना पाते।
‘चाइलà¥à¤¡ कसà¥à¤Ÿà¤¡à¥€’ के मà¥à¤¦à¥à¤¦à¥‡ पर नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¿à¤• दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोण
यदि बात की जाये à¤à¤¾à¤°à¤¤ में बने कानून और उनके संशोधन की, तो इस बात से इस इंकार नहीं किया जा सकता की ये अधिकतर महिलाओं के पकà¥à¤· में हैं, लेकिन जब बात चाइलà¥à¤¡ कसà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ की आती है तो कानून महिलाओं à¤à¤µà¤‚ पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ को बराबर का हक देता है ताकि ये सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ किया जा सके कि बचà¥à¤šà¥‡ का सरà¥à¤µà¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤® हित किसके साथ रहने में है, अतः ये माना जा सकता है कि जब मà¥à¤¦à¥à¤¦à¤¾ बचà¥à¤šà¥‡ की परवरिश और उसके à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ का हो, तो हमारी नà¥à¤¯à¤¾à¤¯ वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ à¤à¤µà¤‚ पà¥à¤°à¥à¤· में à¤à¥‡à¤¦à¤à¤¾à¤µ नहीं करती, परनà¥à¤¤à¥ इसी विषय पर नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤²à¤¯à¥‹à¤‚ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ निरà¥à¤£à¥€à¤¤ मामलों को देखा जाठतो सचà¥à¤šà¤¾à¤ˆ विपरीत नज़र आती है।
90 फीसदी से अधिक मामलों में नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤²à¤¯à¥‹à¤‚ ने माठको ही बचà¥à¤šà¥‡ की कसà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ के लिठअधिक योगà¥à¤¯ माना है, परिणामतः बचà¥à¤šà¥‡ की कसà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ पाने में विफल पिता अकà¥à¤¸à¤° पकà¥à¤·à¤ªà¤¾à¤¤ का दवा करता हà¥à¤†, à¤à¤¾à¤°à¤¤ की नà¥à¤¯à¤¾à¤¯ वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ को कोसता हà¥à¤† नज़र आता है।
पर कà¥à¤¯à¤¾ à¤à¤¸à¥‡ मामलों में सिरà¥à¤« कानूनी वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ को दोषी ठहराया जा सकता है? हालाà¤à¤•ि à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ नà¥à¤¯à¤¾à¤¯ वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ को लिंग के आधार पर पूरà¥à¤£à¤¤à¤¯à¤¾ तटसà¥à¤¥ à¤à¥€ नहीं माना जा सकता, लेकिन संà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ यह à¤à¥€ है कि पिता दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ बचà¥à¤šà¥‡ की कसà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ मांग करने में कोई चूà¤à¤• हà¥à¤ˆ हो और इसका लाठबचà¥à¤šà¥‡ की माठको मिला हो।
सफल चाइलà¥à¤¡ कसà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करने के लिठà¤à¤• पिता को किन बातों की जानकारी होनी चाहिà¤
अपने बचà¥à¤šà¥‡ की कसà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ पाने के लिठà¤à¤• पिता को इस बात की जानकारी होना बहà¥à¤¤ ज़रूरी है कि किस तरह की कसà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ चाहिà¤, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि सिरà¥à¤« कसà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ की माà¤à¤— करना कोरà¥à¤Ÿ को गà¥à¤®à¤°à¤¾à¤¹ करना है और à¤à¤¸à¥‡ में पिता कà¤à¥€ à¤à¥€ सफल परिणाम नहीं पा सकता, इसलिठयह ज़रूरी है कि à¤à¤• पिता को कसà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ के पà¥à¤°à¤•ार की जानकारी हो।
à¤à¤¾à¤°à¤¤ में चाइलà¥à¤¡ कसà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ के विकलà¥à¤ª जो à¤à¤• पिता को पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ है
शारीरिक कसà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ : यदि कोई पिता नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ से ‘शारीरिक कसà¥à¤Ÿà¤¡à¥€â€™ की मांग करता है, तो इसका अरà¥à¤¥ है कि बचà¥à¤šà¤¾ उसके साथ रहेगा और उसे कसà¥à¤Ÿà¥‹à¤¡à¤¿à¤¯à¤¨ अà¤à¤¿à¤à¤¾à¤µà¤• माना जाà¤à¤—ा। माठको बचà¥à¤šà¥‡ से मिलने का अधिकार दिया जा सकता है। बचà¥à¤šà¥‡ की शारीरिक कसà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करने के लिà¤, पिता को नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ में यह सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करना होगा कि की उसके दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ बचà¥à¤šà¥‡ को सà¥à¤¥à¤¿à¤°, शांतिपूरà¥à¤£ व घरेलू वातावरण दिया जायेगा और यह à¤à¥€ आशà¥à¤µà¤¾à¤¸à¤¨ देना होगा कि बचà¥à¤šà¥‡ का सरà¥à¤µà¥‹à¤šà¥à¤š हित उसके साथ रहने में ही है।
कानूनी कसà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ : जिस à¤à¥€ अà¤à¤¿à¤à¤µà¤¾à¤• को कानूनी कसà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ मिलती है उसे बचà¥à¤šà¥‡ से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ महतà¥à¤¤à¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ फैसले लेने का अधिकार मिल जाता है, जैसे- बचà¥à¤šà¥‡ के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥, शिकà¥à¤·à¤¾, सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¿ से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ बà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¤¦à¥€ फैसले कानूनी कसà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ पाने वाला अà¤à¤¿à¤à¤¾à¤µà¤• ले सकता है। यदि पिता को बचà¥à¤šà¥‡ कानूनी कसà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ मिलती है, तो इसका अरà¥à¤¥ यह है कि शारीरिक कसà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ माठके पास होने पर à¤à¥€ उसे बचà¥à¤šà¥‡ से संबंधित महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ निरà¥à¤£à¤¯ लेने का अधिकार होगा।
संयà¥à¤•à¥à¤¤/साà¤à¤¾ कसà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ : संयà¥à¤•à¥à¤¤ अथवा साà¤à¤¾à¤•सà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ के अंतरà¥à¤—त, बचà¥à¤šà¥‡ के माता व पिता दोनों को बचà¥à¤šà¥‡ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ अपनी जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को साà¤à¤¾ करने का अवसर मिलता है, जिसमें बचà¥à¤šà¤¾ बारी-बारी से अपना निवास सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ बदल à¤à¥€ सकता है। संयà¥à¤•à¥à¤¤ कसà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करके, नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ सà¥à¤µà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¿à¤¤ तरीके से बचà¥à¤šà¥‡ का माता à¤à¤µà¤‚ पिता दोनों के साथ पालन-पोषण सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करता है, ताकि बचà¥à¤šà¥‡ की परवरिश में दोनों का योगदान हो और उसे किसी नकारातà¥à¤®à¤• परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ का सामना ना करना पड़े।
मिलने का अधिकार : यदि à¤à¤• पिता अपने बचà¥à¤šà¥‡ की उपरोकà¥à¤¤ में से कोई à¤à¥€ कसà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करने में असमरà¥à¤¥ रहता है, तो मिलने का अधिकार पाकर à¤à¥€ वह बचà¥à¤šà¥‡ की अचà¥à¤›à¥€ परवरिश में महतà¥à¤¤à¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾ सकता है। इस अधिकार के अंतरà¥à¤—त, यदि à¤à¤• अà¤à¤¿à¤à¤¾à¤µà¤• को बचà¥à¤šà¥‡ की कसà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ न मिली हो तो à¤à¥€ उसे बचà¥à¤šà¥‡ से मिलने का, उसके साथ समय बिताने का, उससे à¤à¤• बेहतर संबंध बनाये रखने का अधिकार मिल जाता है।
अदालतें मामले के दौरान अंतरिम कसà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ या मà¥à¤²à¤¾à¤•़ात का अधिकार पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ कर सकती हैं और बाद में अंतिम कसà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ à¤à¥€ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ कर सकती हैं। हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 की धारा 26 के तहत, वैवाहिक कारà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤¹à¥€ में नाबालिग बचà¥à¤šà¥‡ की कसà¥à¤Ÿà¤¡à¥€/à¤à¤°à¤£-पोषण/शिकà¥à¤·à¤¾ के संबंध में अंतरिम/अंतिम आदेश देने का विशेष अधिकार कानून के अंतरà¥à¤—त आता है।
विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤ जिनमें à¤à¤• पिता अपने बचà¥à¤šà¥‡ की कसà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ का दावा कर सकता है
à¤à¤¾à¤°à¤¤ में बचà¥à¤šà¥‡ की कसà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करने के लिà¤, à¤à¤• पिता दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ को यह आशà¥à¤µà¤¾à¤¸à¤¨ दिया जाना आवशà¥à¤¯à¤• है कि वह “बचà¥à¤šà¥‡ का सरà¥à¤µà¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤® हित और कलà¥à¤¯à¤¾à¤£” के लिठहमेशा ततà¥à¤ªà¤° होगा और इसके लिठवह पूरà¥à¤£à¤¤à¤¯à¤¾ सकà¥à¤·à¤® है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ कानून के अंतरà¥à¤—त यह सरà¥à¤µà¥‹à¤ªà¤°à¤¿ शरà¥à¤¤ है, à¤à¤µà¤‚ नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤²à¤¯ तथà¥à¤¯à¥‹à¤‚ और परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में रखकर ही कसà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ का निरà¥à¤£à¤¯ लेती है।
वे परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤ जिनके अंतरà¥à¤—त à¤à¤• पिता अपने बचà¥à¤šà¥‡ की अà¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ का दावा कर सकता है:
- बचà¥à¤šà¥‡ का कलà¥à¤¯à¤¾à¤£ – बचà¥à¤šà¥‡ की कसà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ तय करने में इसकी à¤à¥‚मिका सबसे महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है। इसमें बचà¥à¤šà¥‡ का शारीरिक, नैतिक, शैकà¥à¤·à¤¿à¤• à¤à¤µà¤‚ à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• कलà¥à¤¯à¤¾à¤£, घर के वातावरण की सà¥à¤¥à¤¿à¤°à¤¤à¤¾ और देखà¤à¤¾à¤², मारà¥à¤—दरà¥à¤¶à¤¨ और सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ शामिल है। यदि पिता यह साबित कर देता है कि वह बचà¥à¤šà¥‡ का बेहतर à¤à¤µà¤‚ समगà¥à¤° कलà¥à¤¯à¤¾à¤£ करने में सकà¥à¤·à¤® है , तो कसà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ उसे दी जा सकती है।
- माता की अयोगà¥à¤¯à¤¤à¤¾ अथवा अकà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾: यदि à¤à¤• पिता बचà¥à¤šà¥‡ की माता की निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित में से किसी à¤à¥€ अकà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ को साबित कर देता है, तो बचà¥à¤šà¥‡ की कसà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करना उसके लिठआसान हो सकता है:
- वह किसी गंà¤à¥€à¤° मानसिक बीमारी से पीड़ित है
- वह शारीरिक रूप से बचà¥à¤šà¥‡ की देखà¤à¤¾à¤² करने में असमरà¥à¤¥ है
- वह मादक पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ के सेवन करती है या आपराधिक गतिविधि में शामिल है
- वह बचà¥à¤šà¥‡ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ उपेकà¥à¤·à¤¾, कà¥à¤°à¥‚रता या अनैतिक आचरण पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¿à¤¤ करती है जिससे बचà¥à¤šà¤¾ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होता है
- उसने बचà¥à¤šà¥‡ को तà¥à¤¯à¤¾à¤— दिया है
माता की ये अकà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾à¤à¤ उसके केस को कमजोर बनाती हैं और à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में, पिता को बचà¥à¤šà¥‡ की कसà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करने के लिठअधिक योगà¥à¤¯ अà¤à¤¿à¤à¤¾à¤µà¤• माना जाता है।
Case Ref.- (Gaurav Nagpal V. Sumedha Nagpal (2009))
- बचà¥à¤šà¥‡ की उमà¥à¤° और लिंग: यदि बचà¥à¤šà¤¾ 5 वरà¥à¤· से कम आयॠका है, तो कसà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ आमतौर पर माठको ही दी जाती है, हालांकि पिता कसà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ कर सकता है यदि वह यह साबित कर दे कि माठबचà¥à¤šà¥‡ की बेहतर देखà¤à¤¾à¤² करने में असमरà¥à¤¥ है या उसके साथ बचà¥à¤šà¥‡ का कलà¥à¤¯à¤¾à¤£ खतरे में है। यदि बचà¥à¤šà¤¾ बड़ा है, तो नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ शिकà¥à¤·à¤¾ की निरंतरता और उसका पिता के साथ à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• जà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤µ पर विचार करता है। नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤§à¥€à¤¶ बचà¥à¤šà¥‡ से निजी तौर पर बातचीत करके उसकी पसंद जान सकते हैं, और उसी के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° कसà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ कर सकते हैं।
- पिता की आरà¥à¤¥à¤¿à¤• सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿: यदि पिता यह साबित कर दे कि वह बचà¥à¤šà¥‡ को निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित चीज़ें पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करने में सकà¥à¤·à¤® है, जैसे-
- बेहतर शिकà¥à¤·à¤¾
- सà¥à¤¥à¤¿à¤° à¤à¤µà¤‚ शांत घरेलू वातावरण
- चिकितà¥à¤¸à¤¾ देखà¤à¤¾à¤²
- बचà¥à¤šà¥‡ को समगà¥à¤° शारीरिक और à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾, तो नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ कसà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ का अधिकार उसके पकà¥à¤· में दे सकता है, हालांकि केवल आरà¥à¤¥à¤¿à¤• सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ ही परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ नहीं है, उसे अनà¥à¤¯ आवशà¥à¤¯à¤•ताओं को à¤à¥€ पूरा करना चाहिà¤à¥¤
à¤à¤¾à¤°à¤¤ में कसà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ पाने के लिठकानूनी ढांचा
à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ कानूनों के तहत, à¤à¤¸à¤¾ कोई विशिषà¥à¤Ÿ पà¥à¤°à¤¾à¤µà¤§à¤¾à¤¨ नहीं है जो सà¥à¤µà¤¤à¤ƒ ही बचà¥à¤šà¥‡ की कसà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ पिता या माता को पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करता हो। हालांकि, कà¥à¤› अधिनियम और विशिषà¥à¤Ÿ धाराà¤à¤‚ सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ रूप से पिता को कसà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ का दावा करने का अधिकार पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करती हैं।
Hindu Minority and Guardianship Act 1956 की धारा 6 (a) के तहत à¤à¤• पिता कानूनी रूप से बचà¥à¤šà¥‡ का अà¤à¤¿à¤à¤¾à¤µà¤• होता है, हालाà¤à¤•ि बचà¥à¤šà¥‡ की 5 वरà¥à¤· की आयॠतक आमतौर पर कसà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ उसकी माता को ही मिलती है और à¤à¤¸à¥‡ में à¤à¥€ पिता पूरà¥à¤£ रूप से उसके अà¤à¤¿à¤à¤¾à¤µà¤• की à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾ सकता है।
Hindu Minority and Guardianship Act 1956 की धारा 13 के अंतरà¥à¤—त माता या पिता जो à¤à¥€ नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ में यह साबित कर दे कि बचà¥à¤šà¥‡ के कलà¥à¤¯à¤¾à¤£ के लिठवह अधिक सकà¥à¤·à¤® यो योगà¥à¤¯ अà¤à¤¿à¤à¤¾à¤µà¤• है तो बचà¥à¤šà¥‡ की कसà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ उसे पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ हो सकती है।
Guardians and Wards Act, 1890 की धारा 17 के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ बचà¥à¤šà¥‡ के कलà¥à¤¯à¤¾à¤£ पर विचार करते हैं, जिसमें बचà¥à¤šà¥‡ की आयà¥, लिंग, धरà¥à¤® और चरितà¥à¤°, और पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ अà¤à¤¿à¤à¤¾à¤µà¤• की बचà¥à¤šà¥‡ से निकटता इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¿ शामिल है। अतः इन मापदंडो में यदि à¤à¤• पिता सà¥à¤µà¤¯à¤‚ को सकà¥à¤·à¤® साबित कर पाता है तो बचà¥à¤šà¥‡ की कसà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ उसे पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ हो सकती है।
à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ नागरिक सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ संहिता, 2023 (BNSS) की धारा 144 के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ à¤à¤°à¤£-पोषण संबंधी कारà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤¹à¥€ पर निरà¥à¤£à¤¯ लेते समय नाबालिग बचà¥à¤šà¥‡ की अंतरिम कसà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ का आदेश दे सकती है, जिसमें पिता को कसà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ सौंपना à¤à¥€ शामिल है।
मà¥à¤–à¥à¤¯ निषà¥à¤•रà¥à¤·
- à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ कानून कसà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ में माà¤â€“पिता को समान मानता है, लेकिन वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° में पिता को सà¥à¤µà¤¤à¤ƒ अयोगà¥à¤¯ मान लिया जाता है।
- चाइलà¥à¤¡ कसà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ माठका विशेषाधिकार नहीं, बचà¥à¤šà¥‡ का अधिकार है—फिर à¤à¥€ कोरà¥à¤Ÿ अकà¥à¤¸à¤° सामाजिक धारणाओं से पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ रहती है।
- अधिकतर पिता सही कानूनी रणनीति और कसà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ के पà¥à¤°à¤•ार की समठके अà¤à¤¾à¤µ में अपना ही केस कमजोर कर देते हैं।
- “वेलफेयर ऑफ चाइलà¥à¤¡â€ के नाम पर पिता को हाशिये पर डालना नà¥à¤¯à¤¾à¤¯ नहीं, यह संरचनातà¥à¤®à¤• पकà¥à¤·à¤ªà¤¾à¤¤ है।
- à¤à¤• जागरूक, तैयार और तथà¥à¤¯-आधारित पिता ही इस सिसà¥à¤Ÿà¤® में चाइलà¥à¤¡ कसà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ की वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤• लड़ाई लड़ सकता है।
FAQs
- कà¥à¤¯à¤¾ à¤à¤¾à¤°à¤¤ में पिता अपने बचà¥à¤šà¥‡ की कसà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ पा सकता है?
हाà¤, कानून पिता को à¤à¥€ माठके बराबर अधिकार देता है, लेकिन कसà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ तà¤à¥€ मिलती है जब वह साबित करे कि बचà¥à¤šà¥‡ का सरà¥à¤µà¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤® हित उसके साथ है। - कोरà¥à¤Ÿ ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° मामलों में माठको ही कसà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ देती है?
कानून तटसà¥à¤¥ है, लेकिन नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¿à¤• फैसलों में सामाजिक धारणा और यह मानà¥à¤¯à¤¤à¤¾ हावी रहती है कि माठही बेहतर देखà¤à¤¾à¤² कर सकती है। - पिता की सबसे बड़ी कानूनी गलती कà¥à¤¯à¤¾ होती है कसà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ केस में?
बिना कसà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ के पà¥à¤°à¤•ार समà¤à¥‡ केवल “कसà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ चाहिà¤â€ कहना, बिना ठोस सबूत और रणनीति के केस फाइल करना। - कà¥à¤¯à¤¾ पिता को जॉइंट या लीगल कसà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ मिलने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होती है?
हाà¤, यदि शारीरिक कसà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ कठिन हो तो लीगल या संयà¥à¤•à¥à¤¤ कसà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ à¤à¤• मजबूत और वà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¹à¤¾à¤°à¤¿à¤• विकलà¥à¤ª बन सकती है। - कà¥à¤¯à¤¾ चाइलà¥à¤¡ कसà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ माठका अधिकार है या बचà¥à¤šà¥‡ का?
कानून के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° कसà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ माठया पिता का नहीं, बचà¥à¤šà¥‡ का अधिकार है—लेकिन वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° में इसका पालन कम और दà¥à¤°à¥à¤ªà¤¯à¥‹à¤— ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होता है।
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