भारतीय अदालतें मानती हैं कि शिक्षित और सक्षम पत्नी काम कर सकती है, फिर भी व्यवहार में भरण-पोषण का बोझ पति पर ही डाला जाता है। कानून में मान्यता और ज़मीनी हकीकत के बीच यही अंतर पुरुषों की सबसे बड़ी कानूनी पीड़ा बन चुका है। नई दिल्ली: भारत में मेंटेनेंस के कानूनों का उद्देश्य वैवाहिक […]


